Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, poem

डॉक्टर भीमराव अंबेडकर,(14 अप्रैल ) विशेष

डॉक्टर भीमराव अंबेडकर,(14 अप्रैल ) विशेष एक महान नायक! समानता का अधिकार दिलाया,ज्ञान का प्रकाश चमकाया,किया संघर्ष मानवता के अधिकार …


डॉक्टर भीमराव अंबेडकर,(14 अप्रैल ) विशेष

एक महान नायक!

डॉक्टर भीमराव अंबेडकर,(14 अप्रैल ) विशेष

समानता का अधिकार दिलाया,
ज्ञान का प्रकाश चमकाया,
किया संघर्ष मानवता के अधिकार के लिए,
जलाए उन्होंने इंसानियत के दिए,
ऐसा किया संविधान का निर्माण,
दिलाया हर इंसान को सम्मान!

हे यह भारतीय अर्थशास्त्री,
राजनेता, लेखक और न्याय वादी,
दार्शनिक व समाज सुधारक,
राष्ट्रपिता व महानायक,
दिलाया सब को उनके हक का अधिकार,
किया जाति व्यवस्था के खिलाफ प्रहार!

समानता के मानदंडों को कर स्थापित,
और किए कई सम्मेलन आयोजित,
वे थे एक सामाजिक महान कार्यकर्ता,
दिलाई उन्होंने हर समुदाय को समानता!

सामाजिक बुराई को खत्म
करने के लिए किया हर प्रयास,
करते थे वह दृढ़ता से न्याय
और सामाजिक समानता में विश्वास!

स्वभाव था उनका गंभीर, सरल
और मानवता उनमें प्रचुर,
बनावटी जीवन से थे वह कोसों दूर,
किए उन्होंने जाति प्रथा पर तीखे प्रहार,
नहीं सहां किसी का भी दुर्व्यवहार!

समाजसेवी, राष्ट्र प्रेमी, भारत मां के सच्चे सपूत,
किया समाज में समाप्त भेदभाव और छुआछूत!

देश को आजादी दिलाने के लिए,
दीया उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान,
दिलाया उन्होंने हर इंसान को स्वाभिमान,
शिक्षित बनो, संगठित रहो,
संघर्ष करो, यह था उनका नारा,
धर्म था इनका, स्वतंत्र, सम्मान और भाईचारा!

सिखाया हमें इन्होंने बनाओ
अपने ज्ञान से पहचान,
छोड़ो करना जाति,धर्म पर अभिमान,
नाम है इनका डॉक्टर भीमराव अंबेडकर,
14 अप्रैल को इन्होंने कदम रखा था इस धरती पर!

करते हैं हम सब आपको मिलकर नमन,
आप थे इस धरती मां के सच्चे श्रवण!!

डॉ. माध्वी बोरसे!
( स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)


Related Posts

बुढ़ापे की मुंडेर

June 24, 2022

 बुढ़ापे की मुंडेर डॉ. इन्दु कुमारी  जन्म लिए बचपन बीते  खुशियों के होंठ खिले  बचपन के छोटे पौधे  फूल रूप

बेटी हुई

June 24, 2022

 बेटी हुई  डॉ. इन्दु कुमारी धीमी आवाज में  कहते बेटी हुई।  पापा देखो तेरी बेटी  आईपीएस की  टॉपर हुई। जिसका

मेघा रे

June 24, 2022

 मेघा रे डॉ. इन्दु कुमारी  मेघा रे कहां तक तुझे जाना रे  मेरे संदेश को ले जाना रे   जिन राहों

अकेली होती कहां

June 24, 2022

 अकेली होती कहां डॉ. इन्दु कुमारी मेरे तो सब साथी  मैं अकेली होती कहां  हवा से भी बातें करती  पेड़

जल संरक्षण

June 24, 2022

 जल संरक्षण डॉ. इन्दु कुमारी जल ही जीवन है जीवन के संजीवन है इसे बचाना पुण्य कार्य  यही असली जनसेवार्थ।

लहरों से दोस्ती महंगी पड़ी हुज़ूर ज्वार उठा ऐसा की तैरना जानते हुए भी शख्सियत मेरी किनारे लगी

June 23, 2022

 “लहरों से दोस्ती महंगी पड़ी हुज़ूर ज्वार उठा ऐसा की तैरना जानते हुए भी शख्सियत मेरी किनारे लगी” भावना ठाकर

PreviousNext

Leave a Comment