Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, lekh

ट्विटर बनाम थ्रेड्स | twitter vs threads

कॉम्पिटिशन का कायदा – यूज़र्स का फ़ायदा कांटे की टक्कर – यूज़र्स का फ़ायदा – ट्विटर बनाम थ्रेड्स ट्विटर बनाम …


कॉम्पिटिशन का कायदा – यूज़र्स का फ़ायदा

कांटे की टक्कर – यूज़र्स का फ़ायदा – ट्विटर बनाम थ्रेड्स

ट्विटर बनाम थ्रेड्स | twitter vs threads
ट्विटर बनाम थ्रेड्स | twitter vs threads 

कॉम्पिटिशन से हर क्षेत्र के यूज़र्स को फ़ायदा – प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग को जनजागरण अभियान चलाना समय की मांग – एडवोकेट किशन भावनानी गोंदिया

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर भारत में निवेश को लाभदायकता की स्थिति का आकलन समझाने में भारत कामयाब रहा है जिससे निवेश की संभावनाएं बढ़ती जा रही है, कारण है कि आज दुनियां भर के देश भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट करने को आतुर हैं और इस दिशा में तेजी से काम चलाने की ओर प्रक्रिया बढ़ रही है जिसका मूल कारण भारत में बढ़ती प्रौद्योगिकी डिजिटलाइजेशन के विस्तार से सैकड़ों स्टार्टअप को बल मिल रहा है उनमें भी कंपटीशन हो रहा है जिसका सीधा फायदा उपभोक्ताओं और सर्विस यूजर्स को हो रहा है।यही प्रक्रिया वैश्विक स्तरपर भी चल रही है। इसके अपडेट में हम मीडिया फेम मेटा के मालिक ने बुधवार देर रात नई माइक्रो प्लानिंग को लांच किया जो स्वाभाविक तौर पर ट्विटर को कंपटीशन देगा। बता दे जब से टि्वटर का मालिक बदला है तब से यूजर्स के लिए अनेक नए नियम प्रथाएं लाई गई थी जिससे यूजर्स के लिए समस्या पैदा हो रही थी, परंतु चूंकि अब थ्रेड्स आ गई है जिसमें 2 घंटे में 20 लाख़ और 4 घंटे में 50 लाख़ लोगों के जुड़ने की संख्या पहुंच गई जिसे अब तक 100 से अधिक देशों में लांच किया गया है। याने कॉम्पिटिशनसे सीधा फायदा यूजर्स को ही होगा भारत में भी इसी तरह की स्थितियों को बल दिया जाता है कि किसी भी प्रतिस्पर्धा को रोका नहीं जाए बल्कि नई नई कंपनियों को प्रोत्साहन दिया जाता रहे जिससे एकाधिकार समाप्त कर उपभोक्ताओं और प्रवेश यूजर को फायदा होता है जिसे बढ़ावा देने के लिए भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग की स्थापना की गई है, जो इस पर नजर रखती है। चूंकि आज ट्विटर और थ्रेड्स पर वैश्विक स्तरपर चर्चा चल रही है इसलिए आज हम मीडिया में उपलब्ध जानकारी के आधार पर इस आर्टिकल के माध्यम से चर्चा करेंगे,कांटे की टक्कर, यूजर्स का फायदा, ट्विटर बनाम थ्रेड्स। कंपटीशन से हर क्षेत्र के यूजर्स को फायदा,प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग को जनजागरण अभियान चलाना समय की मांग है।
साथियों बात अगर हम थ्रेड्स लांचिंग की करें तो, सोशल मीडिया फर्म मेटा के मालिक ने बुधवार रात नई माइक्रो ब्लागिंग साइट थ्रेड्स को लॉन्च किया। इसे ट्विटर का कॉम्पिटिटर माना जा रहा है। कुछ यूजर्स इसे ट्विटर किलर भी नाम दे रहे हैं। ट्विटर के दुनिया भर में 100 करोड़ से ज्यादा यूजर हैं। मेटा के सीईओ ने बताया कि सिर्फ दो घंटों में थ्रेड्स से 20 लाख लोग जुड़ गए। चार घंटे बाद इसकी संख्या बढ़कर 50 लाख के पार पहुंच गई। इसे अभी 100 देशों में लॉन्च किया गया है। यूरोपियन यूनियन में रेगुलेटरी चिंताओं की वजह से इसे लॉन्च नहीं किया गया है। ट्विटर की तरह ये भी टेक्स्ट-बेस्ड प्लेटफॉर्म है। इसपर 500 कैरेक्टर तक लंबे थ्रेड्स पोस्ट पब्लिश कर सकते हैं। इस पर लिंक, फोटो और वीडियो भी शेयर किए जा सकते हैं। वीडियो 5 मिनट तक लंबे हो सकते हैं। बुधवार रात करीब 11.30 बजे इसे लॉन्च किया गया है। कम्युनिटीज करंट और ट्रेंडिंग दोनों टॉपिक्स पर चर्चा कर सकेंगीइस नए ऐप के जरिए कम्युनिटीज करंट और ट्रेंडिंग दोनों टॉपिक्स पर चर्चा करने के लिए एक साथ आ सकते हैं। इसके जरिए हम अपने फेवरेट क्रिएटर्स के साथ भी कनेक्ट हो सकते हैं। अपने आइडिया और ओपिनियन को शेयर कर आप अपनी एक लॉयल फॉलोइंग भी बिल्ड कर सकते हैं। ये ऐप हमारी फाइनेंशियल इंफो, कॉन्टेक्ट इंफो जैसा डेटा कलेक्ट करता है। इंस्टाग्राम के हेड ने कहा कि सीईओ के अंडर ट्विटर की अस्थिरता और अप्रत्याशितता ने मेटा को ट्विटर के साथ कॉम्पिटिशन करने का मौका दिया। थ्रेड्स अकाउंट डिलीट करने के लिए इंस्टाग्राम अकाउंट डिलीट करना होगा।मेटा के इस नए प्लेटफॉर्म थ्रेड्स के इस्तेमाल के लिए कोई वेबसाइट नहीं है। अभी इसे केवल ऐप के जरिए एक्सेस किया जा सकता है। वहीं थ्रेड्स प्रोफाइल बनाने के बाद अगर आप इसका इस्तेमाल बंद करना चाहते हैं तो इसेडिएक्टिवेट करना होगा। क्योंकि ये इंस्टाग्राम के साथ जुड़ा हुआ है इसलिए इसे अकेले डिलीट नहीं कर सकते। इसे डिलीट करने के लिए इंस्टाग्राम अकाउंट को भी डिलीट करना होगा। बीते दिनों मेटा ने ट्विटर जैसा प्लेटफॉर्म लॉन्च करने की बात कही थी। इसके बाद डेली मेल ने एक रिपोर्ट पब्लिश की, जिसकी हेडलाइन थी- ट्विटर को खत्म करने का जुकरबर्ग का मास्टर प्लान सामने आया। इस रिपोर्ट को ट्विटर पर शेयर किया जाने लगा।इससे जुड़े एककन्वर्सेशन पर रिएक्ट करते हुए मस्क ने जुकरबर्ग को केज फाइट का चैलेंज दिया था जिसे जुकरबर्ग ने एक्सेप्ट कर लिया था। थ्रेड्स को अब भारत में भी उपलब्ध करा दिया गया है। थ्रेड्स को गूगल प्ले-स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। यदि हमारे पास पहले से ही इंस्टाग्राम पर ब्लू टिक है याने यदि हमारा इंस्टाग्राम अकाउंट पहले से वेरिफाईड है तो थ्रेड्स अकाउंट खुद ही वेरिफाईड हो जाएगा। थ्रेड्स को हम एपल के एप स्टोर से भी फ्री में डाउनलोड कर सकते हैं। थ्रेड्स में हम अपनी इंस्टाग्राम आईडी के साथ लॉगिन कर सकते हैं। मेटा का इंस्टाग्राम एप एक फोटो शेयरिंग मल्टीमीडिया प्लेटफॉर्म है, जबकि थ्रेड्स, ट्विटर की तरह एक टेक्स्ट आधारित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है। यदि हमने ट्विटर इस्तेमाल किया है तो हमको थ्रेड्स के साथ परेशानी नहीं होगी। यह काफी हद तक पुराने ट्विटर वर्जन की तरह है। थ्रेड्स में आप 500 कैरेक्टर में पोस्ट कर सकते हैं जिसमें वेब लिंक, फोटो (एक बार में 10 फोटो) और मिनट तक के वीडियो शामिल कर सकते हैं। थ्रेड्स में भी हम किसी को ब्लॉक और फॉलो कर सकते हैं। यदि हमने इंस्टाग्राम पर किसी को ब्लॉक किया है तो थ्रेड्स पर भी वह ब्लॉक ही रहेगा। थ्रेड्स में फिलहाल जीआईएफएसका सपोर्ट और क्लोज फ्रेंड्स का सपोर्ट नहीं है। इसके अलावा इसमें फिलहाल डायरेक्ट मैसेजिंग का भी फीचर नहीं है।
साथियों बात अगर हम ट्विटर के शर्तों में बदलाव की करें तो ट्विटर में कई सारे बदलाव किए। सीईओ ने पिछले साल याने 2022 में ट्विटर का अधिग्रहण किया था। इसके बाद से उन्होंने ट्विटर में कई सारे बदलाव किए हैं। सबसे बड़ा बदलाव उन्होंने ब्लू टिक को लेकर किया है। अब केवल उन्हीं यूजर्स को ये टिक मिलता है जो पेड ब्लूसब्सक्रिप्शन लेते हैं। इसके अलावा उन्होंने कैरेक्टर लिमिट को भी बढ़ाकर 25, हज़ार कर दिया है। पहले ये 280 थी। हाल ही में उन्होंने ट्विटर पोस्ट पढ़ने की लिमिट भी तय की थी। वेरिफाइड के लिए लिमिट 10 हजार, पुराने अनवेरिफाइड यूजर के लिए 1 हजार और नए अनवेरिफाइड यूजर के लिए 500 कर दी है। हालांकि उन्होंने बताया है कि ये फैसला अस्थाई है। वहीं उम्मीद की जा रही है कि मेटा के नए ऐप में पोस्ट पढ़ने की कोई लिमिट नहीं होगी।
साथियों बात अगर हम इस कंपटीशन में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग की स्थापना महत्व और उद्देश्यों की करें तो अर्थव्यवस्था में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा के सृजन और इस संदर्भ में सबको समान अवसर प्रदान करने के लिए भारतीय संसद द्वारा 13 जनवरी 2003 को प्रतिस्पर्धा अधिनियम 2002 को लागू किया गया।इसके उपरान्त 14 अक्टूबर 2003 से केन्द्र सरकार द्वारा भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) की स्थापना की गई।इसके बाद प्रतिस्पर्धा (संशोधन) अधिनियम, 2007 द्वारा इस अधिनियम में संशोधन किया गया।20 मई 2009, को प्रतिस्पर्धा-विरोधी समझौते और प्रमुख स्थितियों के दुरुपयोग से संबंधित अधिनियम के प्रावधानों को अधिसूचित किया गया। बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा, उपभोक्ताओं को प्रतिस्पर्धी कीमतों पर वस्तुओं और सेवाओं की विस्तृत श्रृंखला तक सुगम पहुंच को सुनिश्चित करती है। व्यावसायिक उद्यम अपने हितों की रक्षा के लिए विभिन्न प्रकार की रणनीतियों और युक्तियों को अपनाते हैं। वे अधिक शक्ति और प्रभाव प्राप्त करने के लिए एक साथ मिल जाते हैं जो उपभोक्ताओं के हितों के लिए हानिकारक हो सकता है और कई बार उनके द्वारा गलत प्रकार से मूल्य निर्धारण, कीमत बढ़ाने के लिए जानबूझकर उत्पाद आगत में कटौती, प्रवेश के लिए अवरोध का निर्माण, बाजारों का आवंटन, बिक्री में गठजोड़, अधिक मूल्य निर्धारण और भेदभावपूर्ण मूल्य निर्धारण जैसी पद्धतियां अपनाई जाती हैं जिसका विभिन्न हित समूहों के समाजिक और आर्थिक कल्याण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसलिए न केवल एकाधिकार अथवा व्यापारिक संयोजनों के गठन को रोकना आवश्यक है बल्कि एक निष्पक्ष और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना भी आवश्यक है ताकि उपभोक्ताओं को अपनी खरीद का बेहतर मोल प्राप्त हो सके। भारत के आर्थिक विकास को ध्यान में रखते हुए प्रतिस्पर्धा अधिनियम में प्रतिस्पर्धा आयोग की स्थापना का प्रावधान है ताकि निम्नलिखित उद्देश्यों को प्राप्त किया जा सके-प्रतिस्पर्धा पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाली पद्धतियों को रोकना, बाजार में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना और इसे बनाए रखना उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना।भारतीय बाजार में अथवा इसके अलावा आनुषांगिक जुडे मामलों के लिए अन्य प्रतिभागियों द्वारा किए जाने वाले व्यापार की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि कॉम्पिटिशन का कायदा – यूज़र्स का फ़ायदा।कांटे की टक्कर – यूज़र्स का फ़ायदा – ट्विटर बनाम थ्रेड्स। कॉम्पिटिशन से हर क्षेत्र के यूज़र्स को फ़ायदा – प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग को जन जागरण अभियान चलाना समय की मांग है।

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट 
किशन सनमुख़दास भावनानी 
गोंदिया महाराष्ट्र 


Related Posts

14 नवम्बर बाल दिवस विशेष| children day special

November 13, 2022

बच्चों को सिखाया जाना चाहिए कि कैसे सोचना है, न कि क्या सोचना है? आज के भारतीय परिपेक्ष्य में जब

टेलीविजन और सिनेमा के साथ जुड़े राष्ट्रीय हित|National interest associated with television and cinema

November 13, 2022

टेलीविजन और सिनेमा के साथ जुड़े राष्ट्रीय हित|National interest associated with television and cinema  टेलीविजन और सिनेमा में कुछ विषय

विपरीत परिस्थितियाँ अक्सर हमें नई दिशा की ओर धकेलती हैं।|Adversity often pushes us in a new direction.

November 13, 2022

विपरीत परिस्थितियाँ अक्सर हमें नई दिशा की ओर धकेलती हैं। अगर हमें कठिन परिस्थितियों से गुजरनी पड़ती है तो सबसे

आओ देखें कोई भी मतदाता पीछे न छूटे|koi bhi matdata na chhute

November 13, 2022

मतदाता आओ देखें कोई भी मतदाता पीछे न छूटे मतपत्र के जबरदस्त बल के माध्यम से ताकत निर्बाध रूप से

नो मनी फॉर टेरर| No money for terror

November 13, 2022

नो मनी फॉर टेरर| No money for terror  आतंकवाद के वित्तपोषण से निपटने वैश्विक सम्मेलन 18 -19 नवंबर 2022 आतंकवाद

माता-पिता और बुजुर्गों की सेवा के तुल्य ब्रह्मांड में कोई सेवा नहीं

November 13, 2022

किसी ने रोज़ा रखा किसी ने उपवास- कबूल उसका हुआ जिसने मां-बाप को रखा अपने पास माता-पिता और बुजुर्गों की

Leave a Comment