Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

टीबी समाप्त करने 2025 लक्ष्य निर्धारित हुआ है

भावनानी के भाव टीबी समाप्त करने 2025 लक्ष्य निर्धारित हुआ है टीबी समाप्त करना एक राष्ट्रीय कर्तव्य है सभी लिंग …


भावनानी के भाव

टीबी समाप्त करने 2025 लक्ष्य निर्धारित हुआ है

टीबी समाप्त करना एक राष्ट्रीय कर्तव्य है
सभी लिंग पृष्ठभूमि को जन आंदोलन के साथ
एक साथ मिलकर लाना संकल्प हुआ है
टीबी समाप्त करने 2025 लक्ष्य निर्धारित हुआ है

वन वर्ल्ड टी बी शिखर सम्मेलन संपन्न हुआ है
भारत टीबी मुक्त समाज सुनिश्चित करने की
अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है
वैश्विक भलाई करने का संकल्प हुआ है

महिलाओं में क्षय रोग पर राष्ट्रीय
संसदीय सम्मेलन का हुआ है
पुरुषों के समकक्ष की तुलना में महिलाओं
की देखभाल कम हैं अध्ययनों से उज़गार हुआ है

बिना लक्षण के मौजूद टीबी संक्रमण से
सक्रिय टीबी में तब्दील होने के लिए उचित
पोषण की कमी जोखिम भरा कारक है महिलाओं
को पर्याप्त पोषण मदद मिले स्वीकार किया है

सभी मिलकर बेहतर पोषण स्वच्छ हवा
सुनिश्चित करने और बीमारी से जुड़े सामाजिक
कलंक दूर करने का आग्रह सभी ने किया है
टीबी भारत के लिए चुनौती हैं स्वीकार किया है

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट 
किशन सनमुख़दास भावनानी 
गोंदिया महाराष्ट्र 


Related Posts

संयुक्त परिवार में जिंदगी जीने का अनमोल लुत्फ़-किशन सनमुखदास भावनानी

January 6, 2022

संयुक्त परिवार में जिंदगी जीने का अनमोल लुत्फ़!!! विश्व प्रसिद्ध सदियों पुरानीं भारतीय संयुक्त परिवार व्यवस्था के मूल्यों को बनाए

सामुदायिक सेवा अनिवार्य बनाना ज़रूरी-किशन सनमुखदास भावनानी

January 6, 2022

युवाओं और स्कूल विद्यार्थियों के लिए सामुदायिक सेवा अनिवार्य बनाना ज़रूरी सेवा भाव हर भारतीय की बुनियादी विरासत में से

हे नववर्ष!-आशीष तिवारी निर्मल

January 6, 2022

हे नववर्ष! तुम भी दगा न करना आओ हे नववर्ष!तुम हमसे कोई दग़ा न करना बीते जैसे साल पुराने वैसी

लाऊं तो कैसे और कहां से-जयश्री बिरमी

January 6, 2022

लाऊं तो कैसे और कहां से कहां से लाऊ वो उत्साह जो हर साल आता थाकहां से लाऊं वह जोश

बहरूपिया-जयश्री बिरमी

January 6, 2022

बहरूपिया जब हम छोटे थे तो याद आता हैं कि एक व्यक्ति आता था जो रोज ही नया रूप बना

लो जिंदगी का एक और वर्ष बीत गया- तमन्ना मतलानी

January 6, 2022

नन्हीं कड़ी में…. आज की बात  लो जिंदगी का एक और वर्ष बीत गया… कविता लो जिंदगी का एक और वर्ष बीत

Leave a Comment