Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel
जो लोग लक्ष्य नहीं बनाते हैं

lekh, Nandkishor shah

जो लोग लक्ष्य नहीं बनाते हैं, | jo log lakshya nhi banate

 जो लोग लक्ष्य नहीं बनाते हैं, वे लक्ष्य बनाने वाले लोगों के लिए काम करते हैं। यदि आप अपनी योजना …


 जो लोग लक्ष्य नहीं बनाते हैं, वे लक्ष्य बनाने वाले लोगों के लिए काम करते हैं।

जो लोग लक्ष्य नहीं बनाते हैं, | jo log lakshya nhi banate

यदि आप अपनी योजना को सार्वजनिक कर दें, तो आप सामाजिक दबाव की वजह से उस पर अमल करने के लिए ज़्यादा समर्पित हो जाएँगे। योजना बताती है कि आदर्श परिस्थिति में क्या होना चाहिए। समीक्षा बताती है कि क्या हो रहा है और मनचाहा परिणाम पाने के लिए आपको क्या फेरबदल करना चाहिए। योजना बनाने में असफलता का मतलब है असफलता की योजना बनाना। कहा जाता है कि जब तक आप लक्ष्य तक पहुँचने की योजना नहीं बनाते हैं, तब तक आपकी सफलता की संभावना 10 प्रतिशत से भी कम रहती है, लेकिन अच्छी योजना बनाने पर यह संभावना बढ़कर 70 प्रतिशत से ज़्यादा हो जाती है। जो लोग लक्ष्य नहीं बनाते हैं, वे अंतत: लक्ष्य बनाने वाले लोगों के लिए काम करते हैं।     

महान लेखक योजना के महत्व को बताते हैं, जो इंसान हर सुबह दिन की योजना बनाता है और उस पर चलता है, उसके पास एक सूत्र होता है, जो सबसे व्यस्त जीवन की भूल-भुलैया के बीच उसका मार्गदर्शन करेगा। योजना बनाने का मतलब यह है कि आप अपने लक्ष्य तक पहुँचने का सर्वश्रेष्ठ रास्ता खोजते हैं। यानी सर्वश्रेष्ठ योजना वही होती है, जिसमें आप अपने बड़े लक्ष्य को 24 घंटे के लक्ष्य में जोड़ लेते हैं। यह नहीं सोचें कि एक महीने में क्या हो सकता है। यह नहीं सोचें कि एक साल में क्या हो सकता है। बस अपने सामने के 24 घंटों पर ध्यान केंद्रित करें।

24 घंटे का लक्ष्य बनाने के कई लाभ हैं। छोटे लक्ष्यों की राह में बाधाएं कम आती हैं और आप जोश ठंडा होने से पहले ही लक्ष्य हासिल कर लेते हैं। छोटे लक्ष्यों से आप प्रेरित होते हैं, जबकि दीर्घकालीन और बड़े लक्ष्यों से आप हताश हो सकते हैं। छोटे लक्ष्य बनाने और हासिल करने का फायदा यह होता है कि आपकी लक्ष्य तक पहुँचने की आदत पड़ती है, हर दिन सफलता का अहसास होता है, आप अच्छी भावनात्मक फ्रीक्वेंसी पर रहते हैं। किसी भी चीज को हासिल करने के लिए 95 प्रतिशत यह जानना ज़रूरी है कि आप क्या चाहते हैं। अगर आपके लक्ष्य स्पष्टता से दिखता है, तो आप कोशिश नहीं छोड़ते हैं; आप तो कोशिश तब छोड़ते हैं, जब आपको लक्ष्य दिखाई नहीं देता, क्योंकि तब आपको सिर्फ बाधाएँ दिखाई देते हैं। उतार-चढ़ाव से नहीं घबराएं और लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ते रहें। अगर परिस्थितियाँ आपके खिलाफ हों या आपकी राह में बाधाएं हों, तो पल भर के लिए भी विचलित नहीं हों। जुटे रहें। यही कुंजी है। बाधाओं का मकसद आपकी इच्छा शक्ति का इम्तिहान लेना और आपके लक्ष्य के लिए मजबूत बनाना होता है। अगर आपकी राह में बाधा आए तो दूसरा तरीका खोजें किंतु अपने लक्ष्य को नहीं बदले। अपने प्रयासों में बदलाव अवश्य करें।

About author 

डॉ. नन्दकिशोर साह

डॉ. नन्दकिशोर साह
ईमेल- nandkishorsah59@gmail.com


Related Posts

Khud ko hi sarvshreshth na samjhe by Sudhir Srivastava

October 22, 2021

 खुद को ही सर्वश्रेष्ठ न समझें                         ✍ सुधीर

Kitne ravan jalayenge hum ? By Jayshree birmi

October 15, 2021

 कितने रावण जलाएंगे हम? कईं लोग रावण को महान बनाने की कोशिश करतें हैं,यह कह कर माता सीता के हरण

Aaj ka kramveer by Jay shree birmi

October 12, 2021

 आज का कर्मवीर जैसे हम बरसों से जानते हैं फिल्मी दुनियां में सब कुछ अजीब सा होता आ रहा हैं।सभी

Chalo bulava aaya hai by Sudhir Srivastava

October 12, 2021

 संस्मरणचलो बुलावा आया है       वर्ष 2013 की बात है ,उस समय मैं हरिद्वार में लियान ग्लोबल कं. में

Online gaming by Jay shree birmi

October 12, 2021

 ऑनलाइन गेमिंग करोना  के जमाने में बहुत ही मुश्किलों में मोबाइल ने साथ दिया हैं छोटी से छोटी चीज ऑन

Humsafar by Akanksha Tripathi

October 8, 2021

हमसफ़र  👫💞 ये नायाब रिश्ता वास्तविक रूप से जबसे बनता है जिंदगी के अंतिम पड़ाव तक निभाया जाने वाला रिश्ता

Leave a Comment