Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jitendra_Kabir, poem

जो कम लोग देख पाते हैं

 जो कम लोग देख पाते हैं जितेन्द्र ‘कबीर’ आग लगाई गई… ज्यादातर लोगों ने उसमे जलती देखी गाड़ियां, भवन और …


 जो कम लोग देख पाते हैं

जितेन्द्र 'कबीर'
जितेन्द्र ‘कबीर’

आग लगाई गई…

ज्यादातर लोगों ने उसमे

जलती देखी गाड़ियां, भवन

और दुकानें,

कम ही लोग देख पाए 

उन गाड़ियों में

राख होती हुई किसी परिवार की 

रोजी-रोटी,

जलता हुआ

किसी बच्चे का भविष्य,

किसी नौकरी पेशा वाले के

आने-जाने का साधन

और जीवन भर की बचत से

साकार किया गया किसी का सपना,

कम ही लोग देख पाए

उन भवनों में

राख होती हुई न जाने कितने लोगों की

जमा पूंजी,

नष्ट होता किसी परिवार के

सिर के ऊपर छत होने का

इत्मीनान 

और सबसे जरूरी

इंसान का इंसान पर से उठता,

धुंआ-धुंआ होता विश्वास,

ज्यादातर लोगों ने देखा

आग लगाकर 

तबाही मचाने वालों को,

कम ही लोग देख पाए

परदे के पीछे से

उस आग के लिए नफरती तरकीबों 

एवं जलावन का

प्रबंध करने वालों को,

जलती हुई आग में 

घी डालकर उसे और भी ज्यादा 

भड़काने वालों को

और ऐसी गतिविधियों में संलिप्त

अपराधियों को कानून के

चंगुल से बचाकर

किसी धर्म अथवा जाति विशेष का हीरो

बनाने वालों को।

                                 जितेन्द्र ‘कबीर’                               

यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।

साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’

संप्रति – अध्यापक

पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश

संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

मंगल हो नववर्ष| navvarsh par kavita

December 30, 2022

मंगल हो नववर्ष मिटे सभी की दूरियाँ, रहे न अब तकरार। नया साल जोड़े रहे, सभी दिलों के तार।। बाँट

तुमसे अब मैं क्या छुपाऊँ| Tumse ab mai kya chupaun

December 30, 2022

 तुमसे अब मैं क्या छुपाऊँ तुमसे अब मैं क्या छुपाऊँ , सोचता हूँ यह भी मैं। किस्सा खत्म ही यह

मनोविकार | manovikar

December 29, 2022

 मनोविकार उठता जब शत्रु मनोविकार फ़ैल भयंकर दावानल-सा।  काम, क्रोध, लोभ, मोह से संचित पुण्यों को झुलसा। मन से उपजा

ईश्वर का उपहार है जीवन| ishwar ka uphar hai Jeevan

December 29, 2022

ईश्वर का उपहार है जीवन ईश्वर का उपहार है जीवन। ऐसे कर्म जीवन में करें।। याद करें हमको जमाना। ऐसे

एक तू ही है जिसको | ek tu hai jisko

December 28, 2022

 एक तू ही है जिसको एक तू ही है जिसको—————-।वरना हो गई मुझे तो नफरत,इन चमकते शीशों से,गोरे इन चेहरों

नये पलों की तलाश करो | naye palon ki talash karo

December 26, 2022

नये पलों की तलाश करो नये साल की नयी बेला परकुछ प्यारा सा नया काम करो नये साल की नयी

PreviousNext

Leave a Comment