Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

जीवन सुखों और दुखों का मेल है

कविताजीवन सुखों और दुखों का मेल है जिंदगी सुखों और दुखों का मेल है जिंदगी में उतार-चढ़ाव बस एक खेल …


कविता
जीवन सुखों और दुखों का मेल है

जीवन सुखों और दुखों का मेल है

जिंदगी सुखों और दुखों का मेल है
जिंदगी में उतार-चढ़ाव बस एक खेल है
जिस प्रकार दो पहियों से पटरी पर दौड़ती रेल है
बस उतार-चढ़ाव जिंदगी के खूबसूरत खेल है

घबरा जाए तो चुनौतियां से वह भी क्या इंसान है
जीना सिखा दे बुरे वक्त में वही असल इम्तिहान है
कभी ढेरों खुशियां कभी गम बेमिसाल है
इम्तिहानो से भरी जिंदगी यही खूबसूरत मिसाल है

जियो अगर दुख को खुशी से यह अनमोल है
दुख भी शर्मा जाएगा यह कैसा माहौल है
सिर्फ सुख या सिर्फ दुख ही जीवन मैं बेमेल है
जिंदगी में उतार-चढ़ाव बस यही तो खूबसूरत खेल है-3

-लेखक- कर विशेषज्ञ, स्तंभकार, साहित्यकार, कानूनी लेखक, 

चिंतक, कवि, एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

Related Posts

शोहरतों का परचम- सुधीर श्रीवास्तव

May 9, 2022

 शोहरतों का परचम शोहरतों के परचम  लहराने का गर इरादा है तो कुछ ऐसा कीजिए जो अलग हो औरों से

ज़िंदगी- सुधीर श्रीवास्तव

May 9, 2022

 ज़िंदगी वाह री जिंदगी तू भी कितनी अजीब जाने क्या क्या गुल खिलाती है कभी हंसाती, कभी रुलाती है और

कविता – ख्वाब – सिद्धार्थ गोरखपुरी

May 9, 2022

 कविता – ख्वाब  ये ख्वाब न होते तो क्या होता? झोपड़ी में रहने वाले लोग जब थोड़े व्यथित हो जाते

जलियांवाला बाग-

May 9, 2022

 जलियांवाला बाग बैशाखी का पावन दिन तारीख तेरह अप्रैल उन्नीस सौ उन्नीस एक सभा हो रही थी रौलेट एक्ट का

छात्रों को एक साथ दो डिग्रियों के अवसर!!

May 8, 2022

छात्रों को एक साथ दो डिग्रियों के अवसर!! एक छात्र एक ही समय में दो स्नातक, स्नातकोत्तर या डिप्लोमा पाठ्यक्रम

क्यों एक ही दिन मां के लिए

May 8, 2022

क्यों एक ही दिन मां के लिए मोहताज नहीं मां तुम एक खास दिन कीतुम इतनी खास हो कि शायद

Leave a Comment