Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

जीवन रूपी चाय-डॉ. माध्वी बोरसे!

जीवन रूपी चाय! बचपन हमारा, सफेद दूध जैसा, जिंदगी ने लगाया, उबाल यह कैसा, कोई ना, जिंदगी को एक स्वादिष्ट …


जीवन रूपी चाय!

जीवन रूपी चाय-डॉ. माध्वी बोरसे!

बचपन हमारा, सफेद दूध जैसा,

जिंदगी ने लगाया, उबाल यह कैसा,

कोई ना, जिंदगी को एक स्वादिष्ट चाय बनाएं,

इसकी खुशबू से, जीवन को महकाए!

ना कोई जल्दबाजी, ना बहुत देरी,

धीमी आंच पर चाय, बने और सुनहरी,

छान ले हर एक व्यक्ति,

आलोचना रूपी चाय पत्ती!

थोड़ी सी मिश्री, हमारी मुस्कान,

रखें हमेशा, इलायची सी पहचान,

अदरक और लॉन्ग सा, हमारा ताप,

थोड़ा सा स्वाद, बाकी छानकर निकाल ले आप!

बन गई हमारी, जीवन रूपी चाय,

इसे पूरे प्रेम और धैर्य के साथ बनाएं,

नासमझ शिशु से, प्रतिष्ठित व्यक्ति बन जाए,

कच्चे दूध से, स्वादिष्ट चाय बनाए!

डॉ. माध्वी बोरसे!
( स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)


Related Posts

समस्त रक्तदान दाताओं

May 25, 2022

समस्त रक्तदान दाताओं देख रही आज मानव सेवा चैन के जरिएएक-एक रक्त की बूंद को तरसे लोगअपनों के जान बचाने

अतीत से परे आगे की ओर बढ़े!

May 25, 2022

अतीत से परे आगे की ओर बढ़े! मुड़ कर ना देखो,जो पीछे छूट गया,आगे बढ़कर लिखो,अपना भविष्य नया! कुछ छुटने

यथार्थ मार्ग!

May 25, 2022

 यथार्थ मार्ग! कुरीतियां और बुरी आदतों को बदलें, इस जिंदगी की राह में थोड़ा और संभले, जितनी हो गई गलतियां

बेबाक हो जाए

May 25, 2022

 बेबाक हो जाए। चुनौतियों का सामना करते हैं, सच्चाई के लिए लड़ते हैं, इंसानियत पर डट कर चलते हैं चलो

चालाक लोमड़ी

May 25, 2022

 चालाक लोमड़ी! भरी दोपहर में एक दिन लोमड़ी भटके, कर रही थी भोजन की तलाश, दिखे उसे बेल में अंगूर

कुबूल है

May 24, 2022

 “कुबूल है” कुबूल है मुझे तेरी मन मर्ज़ियां कुबूल है चाहत की बौछार कर दूँ तेरी अदाओं पर निसार होते,

PreviousNext

Leave a Comment