Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

जीवन भी गणित- सुधीर श्रीवास्तव

राष्ट्रीय गणित दिवस (22 दिसंबर) पर विशेष जीवन भी गणित हम और हमारे जीवन का हर पल किसी गणित से …


राष्ट्रीय गणित दिवस (22 दिसंबर) पर विशेष

जीवन भी गणित

जीवन भी गणित- सुधीर श्रीवास्तव
हम और हमारे जीवन का

हर पल किसी गणित से कम नहीं है,

जीवन में जोड़ घटाव भी
यहाँ कम कहाँ है,

गुणा भाग का खेल तो
चलता ही रहता है।

कभी जुड़ना तो कभी घटना
शेष भी रहता सदा है,

कामा, बिंदी, बराबर,उत्तर भी यहां है।
कभी सही तो कभी गलत भी है

कभी उलझन कभी सुलझन
कभी आसान कभी मुश्किलें

जीवन में गणित से कहाँ कम है?
गणित से पीछा छूट सकता है

या पीछा तो छुड़ा लोगे,
मगर जीवन के गणित से

रोज के जोड़, घटाव, गुणा, भाग
शेष, उत्तर, बराबर से आखिर

पीछा भला कैसे छुड़ा लोगे?
बिना गणित के जीवन का भला
कैसे गुजारा कर लोगे?

सुधीर श्रीवास्तव
गोण्डा, उ.प्र.
8115285921
©मौलिक, स्वरचित


Related Posts

उड़ान – डॉ. इन्दु कुमारी

January 6, 2022

उड़ान हम पंछी है धरा अंबर केसपनों की हम भरे उड़ान स्वच्छंद हो विचरण करूंहै हमें परिधि का ज्ञान जुड़ी

बेनाम- डॉ इंदु कुमारी

January 6, 2022

बेनाम अन्दर की अच्छाईझलक दे ही जाती है समुद्र की गहराई कोछुपाई नहीं जाती है समझने वाले न होपीड़ा बताई

कामना- डॉ इंदु कुमारी

January 6, 2022

कामना फूलों के शहर होप्रेम मय डगर होस्वच्छ नगर होखुशियों के घर मेंएकता माहौल हो समता के गीत सेखुशनुमा संगीत

मित्रता – डॉ इंदु कुमारी

January 6, 2022

मित्रता सर्वोपरि सब रिश्तों मेंकीमत न लेते किस्तों में सार शब्द है मित्रता केसार्थक पहलू है रिश्तों के ईश्वर स्वरुप

सीखें हम बुजुर्गों का सम्मान करना- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 6, 2022

सीखें हम बुजुर्गों का सम्मान करना हर बात सही नहीं हो सकती किसी की कभी भीलेकिन जो हमारे लिए सही

चलो निकालें सप्ताह में एक दिन- डॉ. माध्वी बोरसे!

December 27, 2021

चलो निकालें सप्ताह में एक दिन! चलो निकालें सप्ताह में एक दिन, जिसमें खुद का साथ हो,बस खुद से बात

Leave a Comment