Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, poem

जीवन तथ्य!

जीवन तथ्य! बिखरने के बाद भीनिखरना एक अदा है,बिछड़ने के बाद भी,हम स्वयं के सदा हैं! खुशी हो या गम,जीना …


जीवन तथ्य!

जीवन तथ्य!

बिखरने के बाद भी
निखरना एक अदा है,
बिछड़ने के बाद भी,
हम स्वयं के सदा हैं!

खुशी हो या गम,
जीना हर हाल में है,
होठों पर मुस्कुराहट
और आंखें नम,
यह भी एक कमाल है!

हौसलों के साथ मजबूत बन,
तभी तो मजा है,
शिकायतों के साथ तो,
हसीन जिंदगी भी सजा है!

रुक कर भी तो वक्त जाया होगा,
क्यों ना धीरे धीरे कदम बढ़ाए,
कभी खोया तो कभी पाया होगा,
बुझने से अच्छा दिए जलते जाए!

सपने, उम्मीद, लक्ष्य और जुनून,
जिंदगी को और बेहतरीन बनाएं,
प्रेम, सहानुभूति और सुकून,
के साथ जीवन को जीते जाए!

खिलखिला कर मुस्कुराते रहे,
पुष्प जैसे अपने व्यक्तित्व को महकाए,
सूर्य की तरह जगमगाते रहे,
अपने अनोखे पन से जर्रा जर्रा चमकाए!

डॉ. माध्वी बोरसे!
(स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)


Related Posts

Ab ki baar aise ho diwali by Mainudeen Kohri

November 7, 2021

 अब की बार ऐसी हो दिवाली अबकी बार मनाओ ऐसी दिवाली  । गाँव – शहर में हो जाए खुशहाली ।

parkota by mainudeen kohri

November 7, 2021

 परकोटा मैं परकोटा हूँ न जाने कब से खड़ा हूँ मेरा इतिहास बड़ा है मैं कई युद्धों व् योद्धाओं का

यादें – जयश्री बिरमी

November 7, 2021

 यादें दिवाली तो वो भी थी जब ऑनलाइन शुभेच्छाएं दी थी हमने और एक ये भी हैं जब रूबरू हैं

जीवनपथ – भारती चौधरी

November 7, 2021

 जीवनपथ उठा तर्जनी परप्राणी पर छिपा निज दुर्गुण किस पंथ रखा तनिक विचार किया स्वयं पर निज दायित्व किस स्कंध

बादल – चन्दा नीता रावत

November 7, 2021

 ।।   बादल  ।। !! बादल तेरी   अनोखी कहानी  कभी चंचल कभी मनमानी कभी सतरंगी रूप निराली  नयन सुख मिल जानी

Barood par masoom by Anita sharma

November 7, 2021

बारूद पर मासूम नियति की गति बड़ी निराली देख अचरच होता है। खतरे का न इल्म इन्हें तो बारूद पर

Leave a Comment