Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, poem

जीवन जीने की कला| jeevan jeene ki kala

जीवन जीने की कला। जीवन जीने की कला,जिसने सीखी, वही आगे चला,उत्कृष्ट व्यवहार एवं विनम्रता,रखने वाला ही जीवन को सही …


जीवन जीने की कला।

जीवन जीने की कला,
जिसने सीखी, वही आगे चला,
उत्कृष्ट व्यवहार एवं विनम्रता,
रखने वाला ही जीवन को सही मायने में समझता।

जीने का तरीका,
साथ रहने का सलीका,
हर पड़ाव को पार कर,
संयम से जिए जिंदगी भर।

मन में हो सकारात्मकता,
हो स्वयं में पूर्ण रूप से सहजता,
खुशियों से भरा हो हर महीना,
आज मैं पूरी तरह से आजाए जीना।

ह्रदय में ना हो मनमुटाव,
सोच सोच कर ना बढ़ाए कोई घाव,
ना करे किसी की निंदा और आलोचना,
अपने जीवन को सही कर्मों से सँजोना।

कौन क्या करता है वह उसका व्यवहार,
ना भूले हम स्वयं के संस्कार,
हमारी अमूल्य जीवन को अपने हाथों से ऐसा लिखें,
कि हमारी जीवनी से हर कोई अच्छी सीख ले ।।

About author 

डॉ. माधवी बोरसे अंतरराष्ट्रीय वक्ता

डॉ. माधवी बोरसे
अंतरराष्ट्रीय वक्ता
स्वरचित मौलिक रचना
राजस्थान (रावतभाटा)


Related Posts

Bharosa khud ka by Dr. indu kumari

October 7, 2021

 भरोसा खुद का तुझमें बहुत सी ताकत है जीवन से लड़ना सीखो आती है ढेर समस्या पर निपटना भी विवेक

Khudgarji by Anita Sharma

October 7, 2021

 विषय-खुदगर्जी  खुदगर्ज कौन नहीं इस संसार में। अपनो का साथ पाने की तमन्ना हर इन्सान में। अपनापन अपना परिवार सर्वोपरि

Jivan ko jeena by Anita Sharma

October 7, 2021

 “जीवन को जीना “ जीवन ने सिखलाया है, जीवन को जीना है कैसे? सुख के पीछे भागोगे तो, दुख चिंता

Fislan by Anita Sharma

October 5, 2021

 “फिसलन” संसार के मोह जाल में उलझे  फिसल रहा समय। कब किसको फुर्सत यहाँ पर बीत रही उम्र । शून्य

Dharohar by Sudhir Srivastava

October 1, 2021

 धरोहर हम सबके लिए हमारे बुजुर्ग धरोहर की तरह हैं, जिस तरह हम सब रीति रिवाजों, त्योहारों, परम्पराओं को सम्मान

Sabke apne Gandhi by Jitendra Kabir

October 1, 2021

 सबके अपने गांधी गांधी, तुम किसके हो? उनके हो, जो तुम्हारे नाम पर बड़ी-बड़ी  योजनाएं चलाते हैं, दिखावे के लिए।

Leave a Comment