Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

जीवनपथ – भारती चौधरी

 जीवनपथ उठा तर्जनी परप्राणी पर छिपा निज दुर्गुण किस पंथ रखा तनिक विचार किया स्वयं पर निज दायित्व किस स्कंध …


 जीवनपथ

जीवनपथ - भारती चौधरी

उठा तर्जनी परप्राणी पर

छिपा निज दुर्गुण किस पंथ रखा

तनिक विचार किया स्वयं पर

निज दायित्व किस स्कंध रखा

 मन मार लिया हालातों से

या अपने निरुत्साहित भावों से

गिनता रहा उमर कितनी बीतती गयी

जंग कौन सी जो तुझसे जीती गयी

जोड़ रहा सम्पत्ति अर्जित 

की कितनी तात ने

प्रश्न उठा निज पर भी

तूने किया क्या अर्जित अाप में

स्वपन अनोखे तू देख रहा

किन्तु श्रम तुझसे हो ना रहा

जर्जर सा गृह भी तू ना बना सका

इक सुख भी निज मां को तू ना दिला  सका

ये कैसा जीवन जीता आया

कुल का यश तूने तनिक न बढाया

नाम तेरा ना अब तक कोई जाना

कौन तुझे तेरे गुणों से पहचाना

 वक्त कहां तक बीता है

उम्र कहां अर्धशती पार गई

कर धारण श्रम का कमान

चलाता जा प्रयास के तीर कई

माना विलंब बहुत हुआ

तेरा अवलंब ना कोई हुआ

किन्तु कर क्या तेरे अशक्त हैं

तेरा स्वाभिमान तुझसे कहां विभक्त हैं

तू बता रहा जिनकी त्रुटियां

वह तेरे हेतु निरर्थक है

टटोल तनिक निज अंतर को

जीवन पथ में क्या सार्थक है

भारती चौधरी (Bharti Chaudhary)
प्रतापगढ़ उत्तर प्रदेश


Related Posts

रात है तो सुबह भी तो आयेगी- अनिता शर्मा झाँसी

January 25, 2022

रात है तो सुबह भी तो आयेगी मन रे तू मत हो निराशकल एक नयी सुबह आयेगी।बीतेगी दुखो की घड़ियाँछायेगा

मन के हारे हार- जितेन्द्र ‘कबीर’-

January 25, 2022

मन के हारे हार हार भले ही कर ले इंसान कोकुछ समय के लिए निराशलेकिन वो मुहैया करवाती है उसकोअपने

गलतियां दोहराने की सजा- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 25, 2022

गलतियां दोहराने की सजा देश में कोरोना की पहली लहरहमारी सरकारों ने विदेशों से खुद ब खुद हीबुलाई थी,जब इतनी

राजनीति के सियार- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 25, 2022

राजनीति के सियार पैसा किसी के हथियार है,लालच किसी का हथियार है,इसी सनातन मोह कोसत्ता तक पहुंचने की सीढ़ी बनातेआजकल

श्रेष्ठता के मानक- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 25, 2022

श्रेष्ठता के मानक यह गवारा नहीं समाज कोकि सिर्फ अपनी प्रतिभा, लगन औरमेहनत के आधार पर कोई इंसानसमाज में उच्चतम

किस मुगालते में हो?- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 25, 2022

किस मुगालते में हो? एक बात सच – सच बताओ..अभी तक नहीं हुए हो क्या तुमव्यवस्थागत अथवा व्यक्तिगतकिसी बेइंसाफी के

Leave a Comment