Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

जाने क्यों लोग ज़लनखोरी किया करते हैं

जाने क्यों लोग ज़लनखोरी किया करते हैं साहित्यकारों लेखकों चिंतको के आर्टिकल छपते हैं गलत नीतियों कामों पर व्यंग्य कसते …


जाने क्यों लोग ज़लनखोरी किया करते हैं

जाने क्यों लोग ज़लनखोरी किया करते हैं
साहित्यकारों लेखकों चिंतको के आर्टिकल छपते हैं

गलत नीतियों कामों पर व्यंग्य कसते हैं
सच्चाई को जनता तक पहुंचाते हैं
जाने क्यों लोग ज़लनखोरी किया करते हैं

हितधारकों को चोट पर तिलमिलाते हैं
मीडिया में छाए रहने से झलाते हैं
व्हाट्सएप ग्रुप में आर्टिकल से पेटदर्द करते हैं
जाने क्यों लोग ज़लनखोरी किया करते हैं

ग्रुप में डालने पर नकारात्मक कमेंट करते हैं
वाहवाही होने पर बहुत तिलमिलाते हैं
इसका इतना नाम क्यों है बोलते हैं
जाने क्यों लोग ज़लनखोरी किया करते हैं

संस्थापक को जलन की टाटिंग लगती है
हित में टांग फ़स्ती नजर आती है
फायदे पर पानी फिरने की चिंता सताती है
जाने क्यों लोग ज़लनखोरी किया करते हैं

प्रोत्साहन की मिठाई बांटना ज़रूरी है
देशहित में साहित्यकारों का योगदान ज़रूरी है
जनता की भलाई में कलम उठाना ज़रूरी है
जाने क्यों लोग ज़लनखोरी किया करते हैं

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

Related Posts

शक्ति का झूठा दंभ

June 24, 2022

 शक्ति का झूठा दंभ जितेन्द्र ‘कबीर’ उसने हमला किया… इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं कि वह बहुत बड़ा शूरवीर या

यह कैसा समाज?

June 24, 2022

 यह कैसा समाज? जितेन्द्र ‘कबीर’ हत्यारों से.. पशुओं को बचाने की खातिर रक्षक दल हमने लिए बनाए, मगर अफसोस दरिंदों

कौन है अच्छा इंसान?

June 24, 2022

 कौन है अच्छा इंसान? जितेन्द्र ‘कबीर’ एक अच्छा इंसान नहीं टालता किसी का कहना, मान लेता है सबकी बात बिना

जो कम लोग देख पाते हैं

June 24, 2022

 जो कम लोग देख पाते हैं जितेन्द्र ‘कबीर’ आग लगाई गई… ज्यादातर लोगों ने उसमे जलती देखी गाड़ियां, भवन और

कैसे एतबार करें किसी का

June 24, 2022

 कैसे एतबार करें किसी का जितेन्द्र ‘कबीर’ हर इंसान खुद को सच्चा बताता है यहां, एतबार कर लें  कैसे हम

सवाल और जवाब

June 24, 2022

 सवाल और जवाब जितेन्द्र ‘कबीर’ सवाल! बिगड़ती कानून व्यवस्था का हो या फिर उन्मादी भीड़ हिंसा का, विवादास्पद कानूनों का

Leave a Comment