Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, poem

जाने के बाद।

जाने के बाद। कुछ हो जाने के बाद,उसके बारे में क्यों सोचना,कुछ खो जाने के बाद,उसे सोच कर क्यों रोना। …


जाने के बाद।

कुछ हो जाने के बाद,
उसके बारे में क्यों सोचना,
कुछ खो जाने के बाद,
उसे सोच कर क्यों रोना।

कुछ हो जाने के बाद,
उससे जरूरी है सीखना,
कुछ खो जाने के बाद,
अहमियत रखें, बाकी है हमारे पास जितना।

कुछ हो जाने के बाद,
क्यों उदासी में रहना,
कुछ खो जाने के बाद,
क्यों उसके बारे में बार-बार कहना।

कुछ हो जाने के बाद,
वर्तमान और भविष्य को
बेहतरीन बनाना,
कुछ खो जाने के बाद,
जो है उसे शिद्दत से बचाना और बढ़ाना ।।

About author

डॉ. माध्वी बोरसे!
डॉ. माध्वी बोरसे!
(स्वरचित व मौलिक रचना)

राजस्थान (रावतभाटा)

Related Posts

Tum kahani aur kavita ho

February 7, 2022

तुम कहानी और कविता हो तुम पर मैंने कई कहानीयां और कविता लिखी।पर , फिर भीतुम्हें पूरा नहीं लिख पाया।कहानी और

ठंडी हवा में तुम्हारी खुशबू-सतीश सम्यक

February 7, 2022

ठंडी हवा में तुम्हारी खुशबू रात के सफर मेंजयपुर से नोहर तकआने वाली बसके अंन्दर बैठा था मैं। लगभग भागपाटी

ऋचा मेहता – द राइजिंग स्टार

February 7, 2022

 ऋचा मेहता – द राइजिंग स्टार ऋचा मेहता पेज3 सेलेब्रिटी के तौर पर जाना-पहचाना नाम हैं। वह एक बहुआयामी व्यक्तित्व

चंद्रमा, चांद, शशि!

February 7, 2022

चंद्रमा, चांद, शशि! सूर्य के बाद सबसे चमकीला ग्रह,सबसे बड़ा प्राकृतिक उपग्रह,रात्रि को शीतलता प्रदान करता,यह चंद्रमा, चंद्र, शशि के

गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय नव साहित्य कुंभ द्वारा हुआ भव्य कवि सम्मेलन

February 7, 2022

गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय नव साहित्य कुंभ द्वारा हुआ भव्य कवि सम्मेलन देश की एकता अखंडता को एक माला में

पृथ्वी बोल पड़ी!

February 7, 2022

 पृथ्वी बोल पड़ी! मैं हूं सौरमंडल की सबसे सुंदर ग्रह, जहां जीव जंतु का जीवन है संभव, निवास करती है

Leave a Comment