Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Priti Chaudhary

जाने किसने… | Jaane kisne…

जाने किसने… डूब रहा आकंठ आज मन, भावों के आकर्षण में। जाने किसने गंध बिखेरी, मेरे मानस दर्पण में।। यादों …


जाने किसने…

डूब रहा आकंठ आज मन, भावों के आकर्षण में।
जाने किसने गंध बिखेरी, मेरे मानस दर्पण में।।

यादों के आँगन में कोई ,चमक रहा चंदा बनकर।
रातें जब होती अँधियारी, बन जाता वो ही दिनकर।।
साँस-साँस पर नाम मीत का, लेती ह्रदय समर्पण में।
जाने किसने गंध बिखेरी, मेरे मानस दर्पण में।।

चंदन जैसा शीतल है वो, गंगाजल सा पावन है।
शुष्क धरा पर वही बरसता, बनकर प्रेमिल सावन है।।
नयन निहारें अब तो मेरे, उस साथी को कण-कण में।
जाने किसने गंध बिखेरी, मेरे मानस दर्पण में।।

विषधर जैसा सारा ही जग, वही अमी का प्याला है।
विरह वेदना में यादों से, हमने हृदय संभाला है।।
वही प्रेरणा बनकर पथ की, जीत दिलाता है रण में ।
जाने किसने गंध बिखेरी, मेरे मानस दर्पण में ।।

उसके इन पंकज नैनों में, प्रेम भाव का सागर है।
मूक प्रेम करता नित वाचन , छलकी सी हिय गागर है।।
इत्र बसी है उसके तन की,इस सावन के वर्षण में।
जाने किसने गंध बिखेरी, मेरे मानस दर्पण में।।

About author 

प्रीति चौधरी "मनोरमा" जनपद बुलंदशहर उत्तर प्रदेश

प्रीति चौधरी “मनोरमा”

जनपद बुलंदशहर
उत्तर प्रदेश

Related Posts

साहित्य राष्ट्र की महानता

July 6, 2023

भावनानी के भाव साहित्य राष्ट्र की महानता साहित्य राष्ट्र की महानता और वैभव का दर्पण होता है साहित्य को आकार

भारतीय नारी सब पर भारी- Kavita

July 6, 2023

भावनानी के भाव भारतीय नारी सब पर भारी पुरुषों से कम नहीं है आज की भारतीय नारी व्यवसाय हो या

नारी पर कविता | Naari par kavita

July 2, 2023

भावनानी के भाव  नारी पर कविता  नारी ऐसी होती है जो सभी रिश्तो को एक धागे में पिरोती हैमां बहन

मुझे कहॉं लेखन विद्या आती

July 2, 2023

मुझे कहॉं लेखन विद्या आती मुझे कहॉं सच लेखन विद्या आतीमैं तो बस खुद के लिए लिख जातीखुद को मिले

मुस्कान में पराए भी अपने होते हैं

July 2, 2023

भावनानी के भाव मुस्कान में पराए भी अपने होते हैं   मुस्कान में पराए भी अपने होते हैं अटके काम

भारतीय संस्कार पर कविता

July 2, 2023

भावनानी के भाव भारतीय संस्कार पर कविता भारतीय संस्कार हमारे अनमोल मोती है प्रतितिदिन मातापिता के पावन चरणस्पर्श से शुरुआत

PreviousNext

Leave a Comment