।।जानना ।।
सृष्टि पर आये हो तो जानना सीखो
जान जाओ परिस्थियो को
परिवेश को तुम जानना सीखो
जानकार जब बन जाओ गे
भ्रम से यर्थाथ के उलझनो से
निकल जाओगे
माया मे उलझ जाओगे ,
जानकारियो से पूर्ण बनाओ व्यक्तिव को अपने,
सृष्टि पर आये होतो जानना सीखों
।।जानना ।। सृष्टि पर आये हो तो जानना सीखोजान जाओ परिस्थियो कोपरिवेश को तुम जानना सीखो सीख जाओगे तू जिन्दगी …
सृष्टि पर आये हो तो जानना सीखो
जान जाओ परिस्थियो को
परिवेश को तुम जानना सीखो
जानकार जब बन जाओ गे
भ्रम से यर्थाथ के उलझनो से
निकल जाओगे
सृष्टि पर आये होतो जानना सीखों
October 11, 2022
वक्त संग कारवां वक्त संग दर्द-ए कारवां मेरा गुज़रता जा रहा थादिल तेरे लौटने कि उम्मीद आज भी लगा रहा
October 11, 2022
आल्हा/वीर छंदप्रेरणा गीत बाधाओं से डर कर हे मन, तन को ढो मत जैसे भार।।कंटक राहों से बढ़कर ही,खुलते सदा
October 10, 2022
व्यंग काव्य सजाया बहुत मुझे रणबीरंगे वस्त्रों सेभरा हैं मुझे कईं घातक पटाखों सेइकठ्ठा हुआ हैं शहर सारा मुझे जलानेऊंचा
October 9, 2022
व्यंग्य-कविता कुछ ऐसे अफ़सर होते हैं कुछ ऐसे अफ़सर होते हैं जो ज्ञान के खोते होते हैं ऑफिस में सोते
October 5, 2022
कविता स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार 2022 प्रदान किए गए हर वर्ष की तरह इस वर्ष एक अक्टूबर 2022को स्वच्छता सर्वेक्षण पुरस्कारों
October 3, 2022
कविता–उपभोक्ताओं को ख़ुशी समृद्धि में भिगोना है बिज़ली पेट्रोल डीजल कीमतों को एक राष्ट्र एक मूल्य दायरे में लाना है