Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

story

जादुई झील और परियों का रहस्य – बच्चों के लिए प्रेरक कहानी

बहुत समय पहले की बात है, एक सुंदर और शांत गाँव था—देवगिरी इस गाँव के पास एक नीली-सी झील थी, …


बहुत समय पहले की बात है, एक सुंदर और शांत गाँव था—देवगिरी इस गाँव के पास एक नीली-सी झील थी, जिसे सब “जादुई झील” कहते थे। लोग कहते थे कि रात को जब चाँदनी झील पर पड़ती है, तो परियाँ वहाँ नाचती हैं। लेकिन किसी ने उन्हें कभी देखा नहीं था।

गाँव में एक नन्ही लड़की रहती थी—मीरा। मीरा बहुत जिज्ञासु और साहसी थी। उसे परियों की कहानियाँ सुनना बहुत पसंद था। एक दिन उसने ठान लिया कि वो परियों को अपनी आँखों से देखेगी।

रात को सबके सो जाने के बाद मीरा चुपचाप झील की ओर निकल गई। चाँद आसमान में चमक रहा था, और झील का पानी चाँदी जैसा लग रहा था। मीरा झील के किनारे बैठ गई और इंतज़ार करने लगी।

अचानक, हवा में संगीत गूंजा। मीरा ने देखा कि झील के ऊपर चमकदार रौशनी उठने लगी। कुछ ही पलों में सात परियाँ झील से बाहर आईं। उनके पंख तितली जैसे थे और वे रंग-बिरंगे कपड़े पहने थीं।

मीरा को देखकर वे चौंक गईं, लेकिन फिर मुस्कुराईं। सबसे बड़ी परी ने कहा, “तुम बहादुर हो, मीरा। बहुत कम लोग हमारे पास तक पहुँच पाते हैं।”

मीरा बोली, “मैं सिर्फ आपको देखना चाहती थी। क्या मैं आपकी दोस्त बन सकती हूँ?”

परियाँ हँस पड़ीं और बोलीं, “ज़रूर! लेकिन यह हमारा रहस्य है। किसी को बताना मत।”

मीरा ने वादा किया और परियों के साथ खूब खेली। परियों ने उसे जादुई फूल, चमकता पत्थर और एक छोटी सी घंटी दी जो कभी भी बजाई जाए, तो परियाँ तुरंत आ जाएँगी।

सुबह होने से पहले परियाँ फिर झील में समा गईं। मीरा चुपचाप घर लौट आई। उसने किसी को नहीं बताया, लेकिन हर पूर्णिमा की रात वह झील के किनारे जाती और अपनी परियों से मिलती।
और इस तरह मीरा की जिंदगी जादू और दोस्ती से भर गई।

सीख: सच्चा दिल, बहादुरी और दोस्ती से बड़ी कोई जादूगरी नहीं।

– डॉ. मुल्ला आदम अली
https://www.drmullaadamali.com
तिरुपति – आंध्र प्रदेश


Related Posts

पंच से पक्षकार | story panch se pakshkar

January 19, 2023

पंच से पक्षकार हरिप्रसाद और रामप्रसाद दोनों सगे भाई थे। उम्र के आखिरी पड़ाव तक दोनों के रिश्ते ठीक-ठाक थे।

लघुकथा-जीवंत गजल | jeevant gazal

January 13, 2023

लघुकथा-जीवंत गजल हाथ में लिए गजल संध्या का आमंत्रण कार्ड पढ़ कर बगल में रखते हुए अनुज ने पत्नी से

कहानी-पिंजरा | Story – Pinjra | cage

December 29, 2022

कहानी-पिंजरा “पापा मिट्ठू के लिए क्या लाए हैं?” यह पूछने के साथ ही ताजे लाए अमरूद में से एक अमरुद

लघुकथा–मुलाकात | laghukatha Mulakaat

December 23, 2022

 लघुकथा–मुलाकात | laghukatha Mulakaat  कालेज में पढ़ने वाली ॠजुता अभी तीन महीने पहले ही फेसबुक से मयंक के परिचय में

लघुकथा –पढ़ाई| lagukhatha-padhai

December 20, 2022

लघुकथा–पढ़ाई मार्कशीट और सर्टिफिकेट को फैलाए उसके ढेर के बीच बैठी कुमुद पुरानी बातों को याद करते हुए विचारों में

कहानी-अधूरी जिंदगानी (भाग-5)|story Adhuri-kahani

November 19, 2022

कहानी-अधूरी जिंदगानी (भाग-5) आज रीना के घर के पास से गुज़र रही थी , जरूरी काम से जो जाना था

PreviousNext

Leave a Comment