Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, lekh

जल शक्ति अभियान– कैच-द-रेन 2022

 जल शक्ति अभियान– कैच-द-रेन 2022  दैनिक जीवन व पृथ्वी पर जल के महत्व को रेखांकित करने जल अभियान का विस्तार …


 जल शक्ति अभियान– कैच-द-रेन 2022 

जल शक्ति अभियान-- कैच-द-रेन 2022

दैनिक जीवन व पृथ्वी पर जल के महत्व को रेखांकित करने जल अभियान का विस्तार करना सराहनीय कार्य 

बारिश में जल संरक्षण अभियान 2022 को ऐतिहासिक बनाने, शासन प्रशासन सहित हर व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी ज़रूरी – एड किशन भावनानी

गोंदिया – प्रकृति ने मानव को जल संसाधनों का वरदान दिया है। दशकों पूर्व एक ज़माना था जब चारों ओर जंगल, झाड़, नदियां, तालाब, नहरों से भरपूर गांव शहरों में हमें पानी लबालब मिल जाता था किसी प्रकार का कोई संकोच नहीं था। न ही पानी की कोई कमी!!! आज भी हमारे बड़े बुजुर्गों की जुबानी हम सुनते हैं कि हर स्थान पर आसानी के के साथ पानी मिल जाता था जिसे बाल्टियों से कुवों से रस्सी के सहारे पानी निकालकर घर के मटको में भरकर रखते थे!!! 

परंतु वर्तमान परिपेक्ष में आधुनिकता, बढ़ती औद्योगिक अर्थव्यवस्था, बढ़ते शहरीकरण, पाश्चात्य सोच, और नए ज़माने की जीवन शैली की सोच के साथ ही हमने प्रकृति से वह जुड़ाव को दिया है!! हम खुद को प्रकृति से अलग महसूस करते हैं!! जिसने हमें बनाए बनाए रखा है। हम प्रकृति के अनमोल जल संसाधनों का अप्रबंधन, वनों की कटाई, तेजी से गांव का शहरीकरण,आधुनिकता का प्रकोप जैसी आधुनिक शैली को अपनाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन जीने में भारी संकट खड़ा करने की ओर बढ़ रहे हैं। जिसे रेखांकित कर हमें प्रकृति के इन संसाधनों को बचाना होगा 

साथियों बात अगर हम प्रकृति के अनमोल संसाधनों में से एक जल की करें तो जल ही जीवन है। जल के बिना मानवीय जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती जो धीरे-धीरे विलुप्तता की ओर कदम बढ़ा रहा है जिसे रोकने हम सब मानवीय जिवों का परम कर्तव्य और जवाबदारी है ताकि हम आने वाली पीढ़ियों के सामने अपनी पीढ़ी को शर्मिंदा होने से बचा सके, क्योंकि वर्तमान समय में जल को तात्कालिक रूप से बढ़ाने के लिए जागृति नहीं हुए तो जल संकट एक भयानक रूप ले सकता है जिसके प्रकोप से हम वर्तमान पीढ़ी के भी चपेट में आने की संभावना है इसलिए जल का संरक्षण करने जल शक्ति अभियान– कैच-रेन अभियान 2022 के अभियान को ऐतिहासिक बनाने बारिश में जल को संरक्षण करने शासन-प्रशासन सहित हर व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी अत्यंत तात्कालिक जरूरी है क्योंकि दैनिक जीवन व पृथ्वी पर जल के महत्व को रेखांकित कर उसको बचाना मानवीय जीवों का परम मानव धर्म है जिसे हम सब को निभाना होगा। 

साथियों बात अगर हम दिनांक 29 मार्च 2022 को माननीय राष्ट्रपति द्वारा एक कार्यक्रम में रखे विचारों की करें तो पीआईबी के अनुसार उन्होंने जल के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, कि उन्हें ‘जल शक्ति अभियान: कैच द रेन 2022’ की शुरुआत करते हुए बेहद प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने सभी लोगों से अभियान के इस संस्करण के प्रमुख हस्तक्षेपों पर काम करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के काम में हर एक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी के लिए स्थानीय जनता को प्रेरित करनेमें जिलाधिकारियों और ग्राम सरपंचों को एक महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। उन्होंने आगे सभी से यह संकल्प लेने का अनुरोध किया कि जिस तरह भारत में इतिहास का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है, उसी प्रकार हम सभी इस अभियान को इतिहास का सबसे बड़ा जल संरक्षण अभियान बनाएंगे। 

उन्होंने कहा कि आज जल संकट एक अंतर्राष्‍ट्रीय संकट बन गया है और यह भयानक रूप ले सकता है। कुछ रक्षा विशेषज्ञों ने तो यहां तक कह दिया है कि भविष्य में यह अंतर्राष्‍ट्रीय संघर्ष का एक प्रमुख कारण बन सकता है। हम लोगों को मानवता को ऐसी स्थितियों से बचाने के लिए सतर्क रहना होगा। उन्होंने इस पर प्रसन्नता व्यक्त की कि भारत सरकार इस दिशा में प्रभावी कदम उठा रही है। 

उन्होंने आगे कहा कि यह कहना बिल्कुल उचित है कि जल ही जीवन है। प्रकृति ने मानव को जल संसाधनों का वरदान दिया है। इसने हमें विशाल नदियां दी हैं, जिनके तट पर महान सभ्यताएं विकसित हुई हैं। भारतीय संस्कृति में नदियों का विशेष महत्व है और उन्हें माता के रूप में पूजा जाता है। हमारे पास नदियों की पूजा के लिए समर्पित स्थल हैं- उत्तराखंड में गंगा व यमुना के लिए, मध्य प्रदेश में नर्मदा के लिए और बंगाल में गंगा-सागर के लिए। इस तरह के धार्मिक अभ्यासों ने हमें प्रकृति से जोड़े रखा है। तालाबों और कुओं के निर्माण को एक पुण्य कार्य माना जाता था, लेकिन दुर्भाग्य से आधुनिकता और औद्योगिक अर्थव्यवस्था के आगमन के साथ ही हमने प्रकृति से वह जुड़ाव खो दिया है। जनसंख्या में बढ़ोतरी भी इसका एक कारण है। हम खुद को प्रकृति से अलग महसूस करते हैं, जिसने हमें बनाए रखा है। हम अपना आभार व्यक्त करने और यमुना की पूजा करने के लिए यमुनोत्री की कठिन यात्रा करते हैं, लेकिन जब हम राजधानी दिल्ली लौटते हैं, तो हम पाते हैं कि वही नदी बेहद प्रदूषित हो गई है और अब यह हमारे शहरी जीवन में उपयोगी नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि शहर को पूरे साल जल देने वाले तालाब और झील जैसे जल स्रोत भी शहरीकरण के दबाव में लुप्त हो गए हैं। इसके चलते जल प्रबंधन अस्त-व्यस्त हो गया है। भूजल की मात्रा घट रही है और इसका स्तर भी नीचे जा रहा है। एक तरफ शहरों को सुदूर इलाकों से पानी लाना पड़ता है, तो दूसरी ओर मानसून में सड़कों पर जल भराव हो जाता है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक और कार्यकर्ता भी पिछले कुछ दशकों से जल प्रबंधन के इस विरोधाभास को लेकर अपनी चिंता व्यक्त करते रहे हैं। भारत में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि हमारे देश में विश्व की आबादी का लगभग 18 फीसदी हिस्सा है, जबकि हमारे पास केवल 4 फीसदी शुद्ध जल संसाधन हैं। जल की उपलब्धता अनिश्चित है और यह काफी सीमा तक वर्षा पर निर्भर करती है। 

उन्होंने कहा कि सभी के लिए जल उपलब्ध करवाने और जल आंदोलन को जन आंदोलन बनाने के लिए भारत सरकार ने 2019 में जल शक्ति अभियान शुरू किया था। साथ ही, उसी साल ‘जल जीवन मिशन’ भी शुरू किया गया था। पिछले साल 22 मार्च को ‘विश्व जल दिवस’ पर पीएम ने ‘जल शक्ति अभियान: कैच द रेन’ अभियान को शुरू किया था, जिसे मानसून से पहले और मानसून अवधि के दौरान देश के ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों के सभी जिलों में संचालित किया गया था। उन्होंने कोरोना महामारी की चुनौतियों के बीच इस अभियान की सफलता में राज्य सरकारों के सराहनीय योगदान की सराहना की। 

अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि जल शक्ति अभियान कैच द रेन 2022 दैनिक जीवन व पृथ्वी पर जल के महत्व को रेखांकित करने,जल अभियान का विस्तार करना सराहनीय कार्य है।बारिश में जल संरक्षण अभियान 2022 को ऐतिहासिक बनाने शासन प्रशासन सहित हर व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी ज़रूरी है। 

-संकलनकर्ता लेखक- कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

सौंदर्य और प्रेम का उत्सव है हरियाली तीज

August 30, 2023

सौंदर्य और प्रेम का उत्सव है हरियाली तीज श्रावण का महीना महिलाओं के लिए विशेष उल्लास का महीना होता है।

चुप रहना शाब्दिक बाणों से अधिक तीखा प्रहार

August 30, 2023

चुप रहना शाब्दिक बाणों से अधिक तीखा प्रहार शाब्दिक बाणों से जो दिल पर घाव होते हैं वह तीक्ष्ण हथियारों

कब तक ‘रैगिंग की आंधी’ में बुझेंगे सपनों के दीप?

August 30, 2023

कब तक ‘रैगिंग की आंधी’ में बुझेंगे सपनों के दीप? रैगिंग के नाम पर मैत्रीपूर्ण परिचय से जो शुरू होता

आज हम चांद पर है।

August 30, 2023

आज हम चांद पर है। सांप और साधुओं का देश कहा जाने वाला भारत आज स्पेस टेक्नोलॉजी में दुनिया के

कम नियमों से ही होगा ‘विश्वास-आधारित शासन’

August 30, 2023

कम नियमों से ही होगा ‘विश्वास-आधारित शासन’ बिल का उद्देश्य है कि कुछ अपराधों में मिलने वाली जेल की सजा

मां गंगा को शुद्ध करने अनेक मिशन चलाएंगे

August 14, 2023

भावनानी के भाव मां गंगा को शुद्ध करने अनेक मिशन चलाएंगे मां गंगा को शुद्ध करने अनेक मिशन चलाएंगे इन

PreviousNext

Leave a Comment