Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, poem

जरूर लड़े!

जरूर लड़े! डॉ. माध्वी बोरसे! लड़ना है तो अपने क्रोध से लड़े,अपने अंदर के अहंकार से लड़े,स्वयं को मजबूत और …


जरूर लड़े!

डॉ. माध्वी बोरसे!
डॉ. माध्वी बोरसे!

लड़ना है तो अपने क्रोध से लड़े,
अपने अंदर के अहंकार से लड़े,
स्वयं को मजबूत और हिम्मती बनाएं,
अपनी हर कमजोरी से लड़े!

अपने बुरे वक्त से लड़े,
अपनी गलत आदतों से लड़े,
स्वयं में आत्मविश्वास लाएं,
अपने हर डर से लड़े!

हर एक मुश्किल से लड़े,
अपनी नकारात्मक सोच से लड़े,
स्वयं में सकारात्मक सोच लाए,
घनघोर अंधेरे से लड़े!

अंधविश्वास और कुरीतियों से लड़े,
दकियानूसी सोच से लड़े,
स्वयं के अंदर नम्रता लाकर,
प्रेम और इंसानियत से लड़े!

हम शिक्षित है यह याद रखकर लड़े,
मानवता का स्मरण करके लड़े,
पशुओं की तरह हाथापाई ना करते हुए,
इंसानों की तरह शिष्टाचार से लड़े!

लड़ना है तो अपने क्रोध से लड़े,
अपने अंदर के अहंकार से लड़े,
स्वयं को मजबूत और हिम्मती बनाएं,
अपनी हर कमजोरी से लड़े!

डॉ. माध्वी बोरसे!
( स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)


Related Posts

काटब धान – डॉ इंदु कुमारी

December 16, 2021

काटब धान सखी रे हुलसायल मनमा आयल अगहन महीनमाधान काटी करब पबनियाचूड़ा कुट करब नेमनमा। कुल देवी के चढ़ायब नागुड़

छोड़ दो नफरत करना- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 16, 2021

छोड़ दो नफरत करना सिर्फ इसलिए कि कुछ बाघ नरभक्षी निकल जाते हैं,तो क्या दुनिया से उनका वजूदमिटा दिया जाना

मानव तन – डॉ इंदु कुमारी

December 16, 2021

 मानव तन अनमोल  यह तन पानी का बुलबुलामाया नगरी यह है संसारतारण हार प्रभु संग हैखोज लो बारम्बार बीता हुआ

माशूका धरती- डॉ इंदु कुमारी

December 16, 2021

माशूका धरती मुहब्बत क्या होती हैपूछो वीर जवानों से कुर्वानियों की निशानेपूछो ये जमाने से बलिदानों की महकफिजाओं में फैल

उसका साथ हमेशा देना-जितेन्द्र ‘कबीर’

December 16, 2021

 उसका साथ हमेशा देना कामयाबी के समय तो दुनिया साथ देती है,संघर्ष के समय जो साथ खड़ा हो पाएउसका साथ

पश्चाताप की अग्नि सुधीर श्रीवास्तव-

December 15, 2021

पश्चाताप की अग्नि स्तब्ध रह गया धरा गगन मौन हो गये जन के बोल, निष्ठुर ईश्वर तूने खेलाक्यों ऐसा अनचाहा

Leave a Comment