Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jitendra_Kabir, poem

जनता का जूता जनता का ही सिर-जितेन्द्र ‘कबीर’

जनता का जूता जनता का ही सिर देश में उपलब्ध होने वालीहर एक वस्तु एवं सेवा परमनचाहा कर लगाकर लोगों …


जनता का जूता जनता का ही सिर

जनता का जूता जनता का ही सिर-जितेन्द्र 'कबीर'

देश में उपलब्ध होने वाली
हर एक वस्तु एवं सेवा पर
मनचाहा कर लगाकर लोगों का
शोषण करने वाली सरकारें
अपने नेताओं की यात्राओं के लिए
अरबों रुपए के विमान, हैलीकॉप्टर और
करोड़ों की गाड़ियां जुटाती हैं,
उनके रहने के लिए
पॉश इलाकों में आलीशान बंगले
और बैठने के लिए विधानसभा भवन
एवं संसद भवन बनवाती हैं,
उन्हें नाममात्र की दरों पर
सरकारी कैंटीन में मनचाहा लजीज खाना
खिलाती हैं,
उनकी सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक हथियार
और सुरक्षा दस्ते बनवाती है,
इलाज के लिए देश विदेश के बेहतरीन
अस्पतालों एवं डॉक्टरों की सेवाएं
उपलब्ध करवाती हैं,
और भी नाना प्रकार के भत्ते, सुविधाएं और
ताउम्र पेंशन का जुगाड़ बिठाती हैं
तभी तो सब पार्टियां किसी भी कीमत पर
सरकार बनाने के लिए मरी जाती हैं
जनसेवा का होता है सिर्फ नाम
उसकी आड़ में राजसी ठाट-बाट की
तमन्ना पूरी करी जाती है,
और जनता का क्या है,
वो तो अपने ही पैसों से बनाया जूता
अपने ही सिर पर खाती है,
कोई मांग करे तो भिखमंगी कहलाती है,
विरोध करे तो देशद्रोही कहलाती है,
योजनाओं का लाभ ले तो
मुफ्तखोर कहलाती है
और नेता उनके लिए काम करके
उन पर अहसान हैं करते
सोचते-सोचते एक दिन गुजर जाती है।

जितेन्द्र ‘कबीर’
यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।
साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’
संप्रति – अध्यापक
पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश
संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

गुरूजी आओ

June 27, 2022

गुरूजी आओ कब आओगे, ले गुरु अवतार, पूछे संसार।। है हर पल, गुरु बिन उदास, तेरी है प्यास ? रूठता

तुम्हारा असर है इस कदर

June 24, 2022

 तुम्हारा असर है इस कदर जितेन्द्र ‘कबीर’ प्रफुल्लित मन मदमस्त होकर बादलों के रथ पर सवार आकाश चूमता है, सुकून

कविता- मैं तुमसे प्यार करता हूँ

June 24, 2022

 कविता- मैं तुमसे प्यार करता हूँ R.S.meena Indian मैं चाहता हूँ तुमको,ना इनकार करता हूँ । मजबूर हूँ मैं दिल

उतरन

June 24, 2022

 उतरन वीना आडवाणी तन्वी पूछो अमीरों उन गरीबों से  उतरन का महत्व कितना होता अमीरों तुम्हारी उतरन देख कर गरीब

आज रक्तदान दिवस है देवदूत बन जाइए

June 24, 2022

 आज रक्तदान दिवस है      देवदूत बन जाइए वीना आडवाणी तन्वी किसी मरीज़ को रक्त दान कर किसी के लिए

पिता नीम का पेड़ !

June 24, 2022

पिता नीम का पेड़ ! डॉo सत्यवान सौरभ ★★★★हम कच्चे से है घड़े, और पिता कुम्हार !ठोक पीट जो डांट

PreviousNext

Leave a Comment