Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Nandini_laheja, poem

छत्रपति शिवजी महाराज

छत्रपति शिवजी महाराज छत्रपति शिवजी महाराजझुके नहीं मुगलों के आगे ,शौर्य- साहस के हैं प्रतीक।मराठा साम्राज्य की नींव बने जो,महान …


छत्रपति शिवजी महाराज

छत्रपति शिवजी महाराज
छत्रपति शिवजी महाराज
झुके नहीं मुगलों के आगे ,
शौर्य- साहस के हैं प्रतीक।
मराठा साम्राज्य की नींव बने जो,
महान राजे छत्रपति शिवाजी।
शाहजी के कुलदीपक,
जीजाबाई के अखियन के तारे।
रणनीति उनकी थी अद्बुध,
जिनके आगे शत्रु हारे।
हिंदुत्व था जान उनकी,
पर धर्मनिरपेक्ष रहे वे सदा।
पंडित,संत,पीर,फ़क़ीर सभी को,
एक सा सम्मान दिया।
महिलाओं का करते थे आदर,
मान को उनके रखा सर्वोपरि।
आंच न आने दी सम्मान को,
चाहे शत्रु के घर की हो नारी।
गोरील्ला युद्ध के जनक शिवाजी,
नौसेना का महत्वपूर्ण गठन किया।
चपलता चकित कर देती थी सभी को,
युद्ध में दुश्मन का विध्वंस किया।
हे भारतभूमि तू धन्य हैं,
जहाँ जन्मा छत्रपति शिवजी महाराज।
पराक्रम,बल और युद्ध कौशलता के आगे,
नतमस्तक हुआ शत्रु का सम्राज।

नंदिनी लहेजा
रायपुर(छत्तीसगढ़)
स्वरचित मौलिक अप्रकाशित


Related Posts

Udi re patang by Anita Sharma

November 9, 2021

 उड़ी रे पतंग* उड़ी उड़ी रे पतंग मेरी उड़ी रे। लेके भावनाओं के साथ उड़ी रे। भर के उमंगो संग

Kaun tay karke aaya tha? by Jitendra Kabir

November 7, 2021

 कौन तय करके आया था? ब्राह्मण के घर लेना था जन्म या फिर क्षत्रिय, वैश्य अथवा शूद्र के यहां, कौन

sushasan ko akhiri chhor tak le jana hai by kisan bhavnani

November 7, 2021

 कवितासुशासन को आखिरी छोर तक ले जाना हैं  सरकारों को ऐसी नीतियां बनाना हैं  सुशासन को आखरी छोर तक ले

Ab ki baar aise ho diwali by Mainudeen Kohri

November 7, 2021

 अब की बार ऐसी हो दिवाली अबकी बार मनाओ ऐसी दिवाली  । गाँव – शहर में हो जाए खुशहाली ।

parkota by mainudeen kohri

November 7, 2021

 परकोटा मैं परकोटा हूँ न जाने कब से खड़ा हूँ मेरा इतिहास बड़ा है मैं कई युद्धों व् योद्धाओं का

यादें – जयश्री बिरमी

November 7, 2021

 यादें दिवाली तो वो भी थी जब ऑनलाइन शुभेच्छाएं दी थी हमने और एक ये भी हैं जब रूबरू हैं

Leave a Comment