Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Veerendra Jain

चाय और रिश्ते | chaay aur rishte

चाय और रिश्ते मैं जानता हूंजब भी तुम पूछती हो मुझसे,“चाय पियोगे?”इसलिए नहीं, कि तुम बांटना चाहती हो अपने हाथों …


चाय और रिश्ते

चाय और रिश्ते | chaay aur rishte

मैं जानता हूं
जब भी तुम पूछती हो मुझसे,
“चाय पियोगे?”
इसलिए नहीं, कि तुम
बांटना चाहती हो अपने हाथों बनी
चाय का अतुल्य स्वाद,
बल्कि, उसमें घुली
चीनी सी कुछ मिठास भरी यादें
और चायपत्ती सी कुछ कड़वे अनुभव !!

मैं जानता हूं
तुम चाहती हो मेरा साथ
कुछ और पलों के लिए
जब पूछती हो मुझसे
“चाय पियोगे?”
साथ बैठोगे मेरे कुछ और देर !!

और मैं मना नहीं कर पाता
क्यूंकि ये समय ही तो स्वाद लाता है
चाय में और रिश्तों में भी!!
चाय नहीं बनती “दो मिनट मैगी” की तर्ज़ पर,
इसे पकाना होता है रिश्तों की तरह
प्यार की मद्धम मद्धम सी आंच पर !!

अपनेपन का मसाला
और सम्मान की तुलसी मिला
हाथों की ऊष्मा देकर
तब तक उबालिए जब तक
मोहब्बत की महक ज़हन तक
पहुंचती रहे!!

और फिर अपनी “बातों के बिस्कुट” के साथ
चखने दो उन्हें इनका कड़क स्वाद
कि ये रिश्ते और चाय ही तो
जीवन में अमृत घोलते हैं!!

About author 

Veerendra Jain, Nagpur
Veerendra Jain, Nagpur 
Veerendra Jain, Nagpur
Instagram id : v_jain13

Related Posts

नम्रता का आभूषण धारण करना होगा

March 4, 2023

 भावनानी के भाव नम्रता का आभूषण धारण करना होगा अपना जीवन सुखी बनाना है तो  अटके काम बनाना है तो 

नम्र बनके रहो हर खुशहाल पल तुम्हारा है

March 4, 2023

भावनानी के भाव नम्र बनके रहो हर खुशहाल पल तुम्हारा है बुजुर्गों ने कहा यह जीवन का सहारा है सामने

धर्म और जाति की आड़ में छिपता हूं

March 4, 2023

भावनानी के व्यंग्यात्मक भाव धर्म और जाति की आड़ में छिपता हूं आज के बढ़ते ट्रेंड की ओर बढ़ रहा

हे परमपिता परमेश्वर

March 4, 2023

भावनानी के भाव हे परमपिता परमेश्वर आपके द्वारा दिए इस जीवन में इन मुस्कुराहटों का हम पर एहसान है हर

हे परवरदिगार मेरे मालिक

March 4, 2023

 भावनानी के भाव हे परवरदिगार मेरे मालिक मैंने कहा गुनहगार हूं मैं  उसने कहा बक्ष दूंगा  मैंने कहा परेशान हूं

कविता: भारतीय संस्कृति में नारी | bharatiya sanskriti me naari

February 16, 2023

 भावनानी के भाव कविता:भारतीय संस्कृति में नारी  भारतीय संस्कृति में नारी  लक्ष्मी सरस्वती पार्वती की रूप होती है समय आने

PreviousNext

Leave a Comment