चल पहल कर!
चल पहल कर! किसी के भरोसे क्यों रहना, सब करें उसके बाद क्यों करना, भेड़ चाल क्यों जरूरी है चलना, …
Related Posts
tum mere ho kavita by Anita Sharma jhasi
July 23, 2021
तुम मेरे हो कहाँ खो गये गिरधारी। मोर मुकुट,बंसीवाले। ग्वाले ,गोपियाँ सब रीझे, पर….तुम मेरे हो गिरधारी। कब से बाँट
Ganga kavita by anita sharma jhasi
July 23, 2021
गंगा तू कितनी निर्मल है,तू कितनी पावन है। अमृत की धारा है,कि पुण्य फल दाता है। कितनो के माँ पाप
beshumar pyar kavita by anita sharma jhasi
July 23, 2021
बेशुमार प्यार तुम को हम बतलाये कैसे, बेशुमार प्यार हम करते हैं। तुम बिन जीवन जीने का, स्वप्न में
avani kavita by anita sharma jhasi
July 23, 2021
अवनी चहक रहे खग वृन्द सभी झूम रही लतिका उपवन में। शीतल हवा बही सुखदाई अनुपम छटा मनोहर छाई। *
shrafat kavita by anita sharma jhasi
July 23, 2021
शराफत शराफत से जीने का मजा कुछ और है यारों। नहीं पैसा नहीं गाड़ी पर इज्जत बेशुमार है। चेहरे पर
jeet nishchit hai by anita sharma jhasi
July 23, 2021
जीत निश्चित है– लक्ष्य हो स्पष्ट तो ,आत्म विश्वास भरो। दृढ़ संकल्प संग , मेहनत में जुट जाओ। व्यवधान बहुत
