Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Nandini_laheja, poem

चलो मिलकर तिरंगा फहराएं

चलो मिलकर तिरंगा फहराएं 15 अगस्त का दिन है आया,देश प्रेम ह्रदय में भरमाया।भूलें जाती धर्म का भेद ,क्यों न …


चलो मिलकर तिरंगा फहराएं

चलो मिलकर तिरंगा फहराएं
15 अगस्त का दिन है आया,
देश प्रेम ह्रदय में भरमाया।
भूलें जाती धर्म का भेद ,
क्यों न फिर हुन्दुस्तानी बन जाएँ,
चलो मिलकर तिरंगा फहराएं।
गाएं देशभक्ति के गीत,
हर्ष उमंग संग मेरे मीत।
स्वतंत्रता दिवस का उत्सव फिर मनाएं,
चलो मिलकर तिरंगा फहराएं।
अनगिनत सैनानियों की कुर्बानी को,
करें हम देशवासी नमन।
अपने कर्तव्योँ का पालन करने का,
करें हम सब प्रण।
आजादी के मतवालों के,
सम्मान में शीश झुकाएं,
चलो मिलकर तिरंगा फहराएं।

About author 

 

नंदिनी लहेजा | Nandini laheja
नंदिनी लहेजा
रायपुर(छत्तीसगढ़)
स्वरचित मौलिक अप्रकाशित

Related Posts

कविता -आधा

September 1, 2022

कविता -आधा जब भी इस दुनिया से मैं खुद को साझा करता हूँमानो लगता है मुझको के खुद को आधा

कविता – उलझ जाता हूँ मैं

September 1, 2022

कविता – उलझ जाता हूँ मैं किसी से बात कहनी होकिसी की बात सुननी होमानवता और मुझमें सेअगर मेरी जात

पर्यावरण संरक्षण

September 1, 2022

पर्यावरण संरक्षण अद्भुत सी सुंदरता है पर्यावरण में,चलो हम भी लाए, कुछ जिम्मेदारियां हमारे आचरण में,क्यों फैला रखा है हमने

अंतिम संदेश।(Last message)

August 31, 2022

अंतिम संदेश। जिंदगी का क्या भरोसा,कब हमारा आखरी पल हो,कभी खुद को तो कभी लोगों को कोसा,पर कौन जाने कि

कविता –प्रेम( प्रेम पर कविता)

August 30, 2022

कविता –प्रेम ( प्रेम पर कविता) प्रेम शब्द जब युवाओं के सामने आया बस प्रेमिका का खुमार दिल दिमाग में

एहसास एक लड़की के

August 30, 2022

“एहसास एक लड़की के” दुनिया मेरे लिए ख़ौफ़ की बिहड़ नगरी है,अंधेरों से नहीं मुझे उजालों से डर लगता है,

PreviousNext

Leave a Comment