Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, poem

चंद्रमा, चांद, शशि!

चंद्रमा, चांद, शशि! सूर्य के बाद सबसे चमकीला ग्रह,सबसे बड़ा प्राकृतिक उपग्रह,रात्रि को शीतलता प्रदान करता,यह चंद्रमा, चंद्र, शशि के …


चंद्रमा, चांद, शशि!

चंद्रमा, चांद, शशि!
सूर्य के बाद सबसे चमकीला ग्रह,
सबसे बड़ा प्राकृतिक उपग्रह,
रात्रि को शीतलता प्रदान करता,
यह चंद्रमा, चंद्र, शशि के नाम से भी जाना जाता!

पृथ्वी के चारों ओर चक्कर लगाता,
सूर्य के प्रकाश के परावर्तन के कारण चमकता,
पूर्व से निकलता और पश्चिम में छिपता,
59 प्रतिशत हिस्सा ही इसका पृथ्वी से दिखता!

सभी को लुभाती इसकी खूबसूरती,
इसके कारण समुद्र की लहरें उठती,
एक तरफ से यह चमकीला और सफेद,
तो इसकी दूसरी तरफ गड्ढे और उसके भेद!

इसके पीछे हैं बहुत सारे रहस्य,
जिज्ञासा से भरा हुआ इसका भविष्य,
इसके गुरुत्वाकर्षण बल से,
पृथ्वी पर ज्वार-भाटा पैदा होते!

चांद बिना दिन बहुत छोटा आएगा,
रात्रि को गहरा अंधेरा हो जाएगा,
चलो हम सब जाने चांद के बारे में,
जिसकी खूबसूरती के दीवाने हम सारे हैं!!

डॉ. माध्वी बोरसे!
(स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)


Related Posts

हम अत्यंत सौभाग्यशाली हैं

February 7, 2022

कविता हम अत्यंत सौभाग्यशाली हैं हम अत्यंत सौभाग्यशाली हैं हमारी किस्मत खुली भारतीय सभ्यता संस्कृति हमें मिली हमारी पीढ़ियों की

ई-कचरा

February 7, 2022

ई-कचरा! कंप्यूटर और उससे संबंधित अन्य उपकरण,टीवी, वाशिंग मशीन, मोबाइल फोन से जुड़े उत्पादन,उपयोग से बाहर होने पर कहते हैं

हां ये तपिश हैं

February 7, 2022

हां ये तपिश हैं ठंडे न होंगे ये सिने जिसमे हैं दहकलाखों में न सही हजारों में हीललकार हैं प्रतिकार

मेरे किस्से -सतीश सम्यक

February 7, 2022

मेरे किस्से- सतीश सम्यक तुम्हें पता थाकिमैं तुम्हें पसंद करता हूँ।तभी तो तुम ,मुझे जलाने की खातिरनाम लिया करती थी

बेरोजगार हूं-दीप मदिरा

February 7, 2022

बेरोजगार हूं कभी कट्टर हिंदूवादी हूं कभी कट्टर भाजपा समर्थक हूं कभी कट्टर मोदी समर्थक हूं कभी कट्टर योगी समर्थक

जाति -पाति- -सिद्धार्थ गोरखपुरी

February 6, 2022

जाति -पाति जाति-पाति में मत उलझो ,रहना है हमें हर ठाँव बराबर।सिर के ऊपर सूरज तपता ,तो पाँव केनीचे छाँव

Leave a Comment