Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

गोधन – डॉ.इन्दु कुमारी

 गोधन गोबर की यम मूर्ति बनाई प्यार से इनको सजाई दीर्घायु  की  दुआ  माँगी भाई जियो लाख बरीश हमें  दे …


 गोधन

Godhan by Dr. Indu kumari

गोबर की यम मूर्ति बनाई

प्यार से इनको सजाई

दीर्घायु  की  दुआ  माँगी

भाई जियो लाख बरीश

हमें  दे दो स्नेह अशीष

भाई बहन का प्यार  है

भैयादूज  त्योहार     है

प्राचीन परम्परा पे नाज

बढ़ता पारस्परिक प्यार है

भाई बहन के दर पे आना

एक-दूजे के अशीष पाना*

भाई बहन तेरे प्यार गहना

दर पे इन्तजार में है बहना

सदा खुश रहना मेरे भाई

होगी न बचपन की लड़ाई।

       डॉ.इन्दु कुमारी
मधेपुरा बिहार


Related Posts

कविता – न मिला

September 1, 2022

कविता – न मिला एक उम्र खरच कर कुछ न मिलातुमको क्या पता सचमुच न मिलाक्या हुआ है कोई धरती

कविता – बे-परवाह जमाना

September 1, 2022

कविता – बे-परवाह जमाना ये मन अक्सर बुनता रहता है ,ख्वाबों का ताना बाना ।दिल भी अक्सर छेड़े रहता है

कविता – नयन

September 1, 2022

कविता – नयन दोनों नयन सावन बनकररिमझिम – रिमझिम बरसात करेंसमझ तनिक आता ही नहींके कितने हैं जज़्बात भरे मौन

कविता -शहर चलाता है

September 1, 2022

रिक्शा, ऑटोरिक्शा, इलेट्रिक रिक्शा चलाने वाले भाईयों को समर्पित रचना कविता -शहर चलाता है जो बिना थके सारा शहर चलाता

कविता – शिव और सावन

September 1, 2022

कविता – शिव और सावन सावन शिव हुए अवतरित धरती परसावन में निज ससुराल गएहुआ अर्घ्य और जलाभिषेक से स्वागत

सावन की बौछार

September 1, 2022

 सावन की बौछार सावन की बौछार यारतन – मन को भिगाती हैमस्त फुहारें इस सावन कीयाद किसी की दिलाती है

PreviousNext

Leave a Comment