Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

गुलाब-डॉ. माध्वी बोरसे

गुलाब! गुलाब का फूल, अति सुंदर और सुगंधित, करते है हम, परमेश्वर के चरणो में अर्जित,चलो महका दे जहां, गुलाब …


गुलाब!

गुलाब-डॉ. माध्वी बोरसे
गुलाब का फूल, अति सुंदर और सुगंधित,

करते है हम, परमेश्वर के चरणो में अर्जित,
चलो महका दे जहां, गुलाब के फूल के जैसे,
सुंदरता और कोमलता मैं प्रसिद्ध हो ऐसे!

कभी बने शरबत, औषधि और कभी गुलकंद,
स्वयं की रक्षा करने के लिए, हम में कांटे भी हो चंद,
सजावट हो या भोजन, इसके उपयोग है कहीं,
देखो इसकी आकृति, कुछ हमसे हे कह रही!

इसे देखते ही, हमारे चेहरे पर आए मुस्कान,
इससे बढ़कर क्या हो, किसी का सम्मान,
हमें देख कर भी, कहीं चेहरे मुस्कुराए,
चलो सभी को, नम्र हृदय से अपनाएं!

छोटा सा पौधा, हर एक अपने घर में लगाना चाहता है,
क्योंकि हर बगीचे की, यह एक रौनक कहलाता है,
कितना लाभदायक और उपयोगी है यह,
हमें जीने का, सलीका सिखाता है!

डॉ. माध्वी बोरसे!
( स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)


Related Posts

धारा के विपरीत

June 24, 2022

 धारा के विपरीत जितेन्द्र ‘कबीर’ शक्तिशाली का गुणगान करना फायदे का सौदा रहा है हमेशा से, यह जानते हुए भी

अस्तित्व इतिहास बनेगी

June 24, 2022

 अस्तित्व इतिहास बनेगी सुधीर श्रीवास्तव पृथ्वी दिवस की औपचारिकता न निभाइए भू संरक्षण करना है तो  धरातल पर कुछ करके

यही जीवन चक्र है

June 24, 2022

 यही जीवन चक्र है सुधीर श्रीवास्तव जीवन क्या है यह समझाने नहीं खुद समझने की जरूरत है, अदृश्य से जीवन

व्यंग्य धरती को मरने दो

June 24, 2022

 व्यंग्यधरती को मरने दो सुधीर श्रीवास्तव धरती उपज को रही तो खोने दो धरती मर रही है मरने दो। बहुत

जब तक है जिंदगी

June 24, 2022

 जब तक है जिंदगी सुधीर श्रीवास्तव जिंदगी जब तक है गतिमान रहती है, न ठहरती है,न विश्राम करती है। सुख

क्या लेकर आया है जो ले जायेगा

June 24, 2022

 क्या लेकर आया है जो ले जायेगा सुधीर श्रीवास्तव यह कैसी विडम्बना है कि हम सब जानते हैं मगर मानते

PreviousNext

Leave a Comment