Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr-indu-kumari, poem

गुरु गोविंद पुकारा है – डॉ इंदु कुमारी

गुरु गोविंद पुकारा है तेग बहादुर सिंह ने अपने बेटे को बलिदान दिया झुका नहीं दुश्मन के आगेमौत को भी …


गुरु गोविंद पुकारा है

गुरु गोविंद पुकारा है - डॉ इंदु कुमारी
तेग बहादुर सिंह ने अपने

बेटे को बलिदान दिया

झुका नहीं दुश्मन के आगे
मौत को भी स्वीकार किया

क्या घर था क्या बना तुम्हारा
इसकी ओर जरा देखो

अपने खून से रंगो तिरंगा
गुरु गोविंद पुकारा है

भेदभाव क्यों डाल रहे हो
हिन्दुस्तान तुम्हारा है

मिल जुलकर रहना प्यारे
जरूरत पड़ी कमान संभालो

एकता को जो भंग करना चाहे
सर कलम करना नहीं गवारा है

समरसता की गंगा बहाओ
गुरू गोविंद ने स्वीकारा है

भेदभाव क्यों डाल रहे हो
हिन्दुस्तान तुम्हारा है।

डॉ. इन्दु कुमारी
मधेपुरा बिहार


Related Posts

वक्त संग कारवां

October 11, 2022

वक्त संग कारवां वक्त संग दर्द-ए कारवां मेरा गुज़रता जा रहा थादिल तेरे लौटने कि उम्मीद आज भी लगा रहा

आल्हा/वीर छंद प्रेरणा गीत

October 11, 2022

आल्हा/वीर छंदप्रेरणा गीत बाधाओं से डर कर हे मन, तन को ढो मत जैसे भार।।कंटक राहों से बढ़कर ही,खुलते सदा

व्यंग काव्य

October 10, 2022

व्यंग काव्य सजाया बहुत मुझे रणबीरंगे वस्त्रों सेभरा हैं मुझे कईं घातक पटाखों सेइकठ्ठा हुआ हैं शहर सारा मुझे जलानेऊंचा

कुछ ऐसे अफ़सर होते हैं

October 9, 2022

व्यंग्य-कविता कुछ ऐसे अफ़सर होते हैं कुछ ऐसे अफ़सर होते हैं जो ज्ञान के खोते होते हैं ऑफिस में सोते

स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार 2022 प्रदान किए गए

October 5, 2022

कविता स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार 2022 प्रदान किए गए हर वर्ष की तरह इस वर्ष एक अक्टूबर 2022को स्वच्छता सर्वेक्षण पुरस्कारों

कविता–उपभोक्ताओं को ख़ुशी समृद्धि में भिगोना है

October 3, 2022

कविता–उपभोक्ताओं को ख़ुशी समृद्धि में भिगोना है बिज़ली पेट्रोल डीजल कीमतों को एक राष्ट्र एक मूल्य दायरे में लाना है

PreviousNext

Leave a Comment