Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

गुरुनानक जी-सुधीर श्रीवास्तव

 गुरुनानक जी कार्तिक मास में संवत पन्द्रह सौ छब्बीस को माँ तृप्ता के गर्भ से कालू मेहता के आँगन  तलवंडी, …


 गुरुनानक जी

गुरुनानक जी-सुधीर श्रीवास्तव

कार्तिक मास में

संवत पन्द्रह सौ छब्बीस को

माँ तृप्ता के गर्भ से

कालू मेहता के आँगन 

तलवंडी, पंजाब (पाकिस्तान) में 

जन्मा एक बालक,

मातु पिता ने नाम दिया था

उसको नानक।

आगे चलकर ये ही नानक

सिख धर्म प्रवर्तक बने

सिख पंथ स्थापित कर

सिखों के प्रथम गुरू बन

हो गये नानक महान,

तब से दुनिया पूजता

गुरूनानक जी का नाम,

तलवंडी भी बन गया

ननकाना साहिब धाम।

जाति धर्म और ऊँच नीच का

कोई अर्थ नहीं है,

ईश्वर, अल्लाह, वाहेगुरु ,ईशा

करते भेद नहीं है।

राजा रंक हों या नर नारी 

सब हैं एक समान,

ओंकार एक है बतलाये

पैदल भ्रमण कर देश विदेश

दुनिया को सिखलाए।

राम,कृष्ण, कबीर परंपरा को

ही नानक आगे बढ़ाए,

गुरुवाणी से नानक जी ने

मुक्ति का मार्ग दिखाए।

अंधविश्वास से बचने की राह दिखाए

मानवता, सेवा, परोपकार की

सबको राह बताये।

अपने सम समझो दीन दुःखी को

गुरुनानक जी बतलाये,

ईर्ष्या, निंदा, नफरत से बचो

ज्ञान की ज्योति प्रकाश फैलाए।

पुत्रमोह से दूर, शिष्य अंगद को

गुरुगद्दी पर बैठाए,

ऐसे गुरुनानक जी सबके

प्रभु के धाम सिधाए।

● सुधीर श्रीवास्तव
      गोण्डा, उ.प्र.
8115285921
©मौलिक, स्वरचित


Related Posts

स्थानीय भाषाओं में नवाचार कार्यक्रम चलाया है

March 5, 2023

भावनानी के भाव  स्थानीय भाषाओं में नवाचार कार्यक्रम चलाया है नवाचार में तीव्र विकास करने समृद्ध करने भाषाई अड़चनों को

हे राम!! | Hey ram

March 5, 2023

हे राम!! राम तुम क्यूं ना बन सके प्रैक्टिकल,कि जब मेघनाद का तीर लगा लखन को,क्यों तुमने द्रवित किया था

द्वारिका में बस जाओ

March 5, 2023

 द्वारिका में बस जाओ वृंदावन में मत भटको राधा, बंसी सुनने तुम आ जाओ । कान्हा पर ना इल्जाम लगे,

सब्र। सब्र पर कविता| kavita -sabra

March 5, 2023

 सब्र। जब आंखें नम हो जाती है, जब आत्मा सहम जाती है, उम्मीद जिंदा नहीं रहती, जिंदगी गम से भर

मेरी दादी माँ| meri dadi maa

March 5, 2023

 मेरी दादी माँ आज की शाम मेरी दादी के नाम कर रहे सब आज तुम्हारी बातें इकट्ठा हो घर के

नम्रता का आभूषण धारण करना होगा

March 4, 2023

 भावनानी के भाव नम्रता का आभूषण धारण करना होगा अपना जीवन सुखी बनाना है तो  अटके काम बनाना है तो 

PreviousNext

Leave a Comment