Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Tej_dewangan

गुणगान ( गुरु)- तेज देवांगन

गुणगान( गुरु) कितना करूं गुणगान इनका,मेरे अल्फाज कम पड़ जाएंगे,अगर पीरों भी लूं इन्हे तारो में,मेरे साज कम पड़ जाएंगे.कितना …


गुणगान( गुरु)

गुणगान ( गुरु)- तेज देवांगन
कितना करूं गुणगान इनका,
मेरे अल्फाज कम पड़ जाएंगे,
अगर पीरों भी लूं इन्हे तारो में,
मेरे साज कम पड़ जाएंगे.
कितना करूं गुणगान इनका..
सोचता हूं लिख भी दूं, कहानियां इनकी,
कह भी दूं, दो बातें इनकी,
पर इनके किस्से कहानियों के,
मेरे शब्द कम पड़ जाएंगे,
कितना करूं गुणगान इनका,
मेरे अल्फाज कम पड़ जाएंगे,
अगर मैं वक्त का दौर ले भी लूं,
दशक कई दशक इन्हे दे भी दूं,
वक्त का दौर मुझसे फिसल जायेंगे,
कितना करूं गुणगान इनका,
मेरे अल्फाज कम पड़ जाएंगे।

 तेज देवांगन


Related Posts

इश्क की इंतहा-जयश्री बिरमी

January 16, 2022

इश्क की इंतहा प्यार हो ही जाता हैं गर हो जुत्सजूजब इश्क हो ही जाता हैं रूबरूजब हो जानिब वफा–ए–यारक्यों

आखिर क्यों पढ़े-लिखे बच्चे गलत मार्ग पर जा रहे हैं ?

January 16, 2022

 आखिर क्यों पढ़े-लिखे बच्चे गलत मार्ग पर जा रहे हैं ? हाल ही में आपने सुना होगा सोशल मीडिया पर

दिल में जो है छुपी, बात हो जाने दो

January 16, 2022

दिल में जो है छुपी, बात हो जाने दो दिल में जो है छुपी, बात हो जाने दो,दिन ढले तो

सृष्टि में माता-पिता से बढ़कर कोई नहीं

January 16, 2022

कविता सृष्टि में माता-पिता से बढ़कर कोई नहीं सृष्टि में माता-पिता से बढ़कर कोई नहींहम क्या जाने हमारे लिए हमारी

पांच राज्यों में चुनाव तारीखों का ऐलान

January 16, 2022

कवितापांच राज्यों में चुनाव तारीखों का ऐलान हुआ हित धारकों का इंतजार खत्म हुआ पांच राज्यों में चुनाव तारीखों का

भावनाओं को व्यक्त-डॉ. माध्वी बोरसे

January 16, 2022

भावनाओं को व्यक्त! क्यों होते हैं हम स्वयं के साथ सख्त,चलो करें, अपनी भावनाओं को व्यक्त,चिकित्सक भी होता है कभी

Leave a Comment