Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

गीत हमारे- डॉ हरे कृष्ण मिश्र

गीत हमारे कुछ गीत ऐसे दर्द भरे,गाकर सुना सकता नहीं, पहले मेरे अश्क बहते,दर्द छुपा पाता नहीं ।। दृश्य ऐसे …


गीत हमारेगीत हमारे- डॉ हरे कृष्ण मिश्र

कुछ गीत ऐसे दर्द भरे,
गाकर सुना सकता नहीं,
पहले मेरे अश्क बहते,
दर्द छुपा पाता नहीं ।।

दृश्य ऐसे गीत में ,
दर्द भरे प्रीत में ,
आंसू भरे नयन में,
गीत रहे अधर में। ।।

गा सका न गीत को ,
दर्द तो दफन गए ,
आश मेरे टूट गए ,
जिंदगी बिखर गई ।।

सोचता रह गया,
देखता रह गया ,
अपने गंतव्य पर,
तुम तो चली गई ।।

जिंदगी विवश बनी,
कैसे सिमट गई ,
ढूंढता रह गया ,
अंतरिक्ष देखता रहा ।।

मौन लिखता रहा,
भाव भरता रहा ,
शून्य में लकीर को,
मैं खिंचता रहा ।।

जिंदगी रही कहां,
ढूंढता तुझे रहा ,
सांसों में सांस का,
एहसास करता रहा ।।

अंत दुखों का नहीं ,
वेदना तेरी मेरी है,
यहां किसी का ,
नहीं ठौर ठिकाना ।।

जीवन तो प्रतीक बना ,
चलना कितना होगा,
दर्द भरे जीवन को ,
जीना कितना होगा ???

मौलिक रचना
डॉ हरे कृष्ण मिश्र
बोकारो स्टील सिटी
झारखंड।


Related Posts

कोशिश- अनीता शर्मा

November 23, 2021

 “कोशिश” कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। हिम्मत से आगे बढ़ कर प्रयत्न करते जाना है। मन में

आहत – सुधीर श्रीवास्तव

November 23, 2021

 आहत  कितना आसान है  किसी को आहत करना, जले पर नमक छिड़कना । पर जरा सोचिए कोई आपको यूँ आहत

जीवन रूपी चाय-डॉ. माध्वी बोरसे!

November 23, 2021

जीवन रूपी चाय! बचपन हमारा, सफेद दूध जैसा, जिंदगी ने लगाया, उबाल यह कैसा, कोई ना, जिंदगी को एक स्वादिष्ट

उड़ गई तितली- देवन्ती देवी चंद्रवंशी

November 22, 2021

 उड़ गई तितली कैसे कहूॅ॑ सखी कुछ कही न जाए मन हुई तितली देखो उड़ती जाए कैसे रोकूॅ॑ मेरी बावरी

खाया पिया कुछ नहीं ग्लास तोड़ा बारह आना-जयश्री बिर्मी

November 22, 2021

 खाया पिया कुछ नहीं ग्लास तोड़ा बारह आना किसान कानून की वापसी कही गढ़ आला पन सिंह गेला न बन

किस्से मोहब्बत के-तेज देवांगन

November 22, 2021

 किस्से मोहब्बत के किस्से मोहब्बत के किसको सुनाएं, सब यहां कहानीकार बने है। लिख दूं गजल मैं, गर किताबों पे,

Leave a Comment