Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, poem

गलती करो पर पछतावा नहीं।

गलती करो पर पछतावा नहीं। गलती करो पर पछतावा की जगह,उस गलती से सीखो,पछतावे के दर्द में रोने की जगह,बल्कि …


गलती करो पर पछतावा नहीं।

गलती करो पर पछतावा की जगह,
उस गलती से सीखो,
पछतावे के दर्द में रोने की जगह,
बल्कि उसे ठीक कर,
अपनी साहस की कहानी लिखो।

गलती किससे होती नहीं,
दर्द के बोझ को हृदय में ना रख कर,
पहचानो क्या है गलत और सही,
जिंदगी भर गलती का भार उठाने से अच्छा,
परखो कहां-कहां गलतियां हो रही।

कदम उठाए हैं तो बहकना भी लाजमी है,
पर वक्त रहते खुद को संभाल लो,
स्वयं की कमियां भी तराशनी है,
स्वयं से घृणा करने की जगह,
स्वयं को सही दिशा में ढाल लो।

गलत हो तब,जब गलती का एहसास ना हो,
एहसास होना तो मानवता की निशानी है,
गलती पर पर्दा या लिबास ना हो,
उसे डालने की जगह,
स्वयं में से वह गलती को निकालनी है।

गलती करो पर पछतावा की जगह,
उस गलती से सीखो,
पछतावे के दर्द में रोने की जगह,
बल्कि उसे ठीक कर,
अपनी साहस की कहानी लिखो।। 

About author 

Dr Madhvi Borse

डॉ. माध्वी बोरसे।
(स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)

Related Posts

Suturmurgi pravitti by Jitendra Kabir

October 8, 2021

 शुतुरमुर्गी प्रवृत्ति अगर तुम कहते हो कि ‘साहित्य रचना’ को मुक्त रखा जाए सर्वथा वर्तमान ‘सामाजिक-राजनैतिक सरोकारों’ से, सत्ता के

Man ki bat by Anita Sharma

October 7, 2021

 “मन की बात” मन की बातें मन में ही रखती है नारी। बाहर निकल शब्द भूचाल बचाये। कब सोचा था

Hal-a-dil by Mahesh Ojha

October 7, 2021

 हाल-ए-दिल हाल अपना सुनाएं हम कैसे उन्हें, वो तो ग़ैरों की महफ़िल में रमे जा रहे। एक नज़र भी ना

Bhedbhav by Anita Sharma

October 7, 2021

 भेद भाव भेद भाव के रंग रूप में बंटा हुआ संसार है। * एक ईश की संतान सभी हैं। मत

Mai shapit hu by komal Mishra koyal

October 7, 2021

 मैं शापित हूँ घुट घुट कर मर जाने को मैं शापित हूँ हर बार जलाए जाने को नहीं कह पाती

Udan by Anita Sharma

October 7, 2021

 “उड़ान” मेरे घर घोंसला बनाकर, पंछी का जोड़ा आया रहने। रोज उसे तिनका-तिनका, लाते देखा करती अक्सर। आज अचानक आवाज़

Leave a Comment