Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jayshree_birmi, lekh

गरीबों का हक

गरीबों का हक आज कल एक वीडियो सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा हैं जिसमे योगिजी का नाम …


गरीबों का हक

जयश्री बिरमी अहमदाबाद

आज कल एक वीडियो सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा हैं जिसमे योगिजी का नाम ले कर राशन कार्ड धारकों चेतावनी दी जा रही हैं कि अगर उनके पास चार पहियां वाहन हैं, पूरे परिवार की दो लाख से ज्यादा आमदनी है,आयकरदाता हैं, आई फोन हैं,करेंट बैंक खाता हैं,बुलेट मोटरसाइकिल हैं,100 वर्ग मीटर का अच्छी लोकेशन में मकान हैं,निजी दुकान हैं,दो एकड़ से ज्यादा जमीन हैं,पांच हॉर्स पावर का जेनरेटर लगा हैं,वकील हैं,विदेश में रहते हैं या सरकारी कर्मचारी हैं वे सभी व्यक्ति अपात्र की श्रेणी में आते हैं ऐसे व्यक्ति अपना राशन कार्ड जमा करवा दे वरना उनके राशन कार्ड की अवधि के बरसों का आज की तारीख तक 24 / kg गेहूं और 32/ kg चावल के हिसाब से पैसा वापस लिया जाएगा ,पैसे नहीं भर पाने की स्थिति में सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
ये संदेश सही हो या गलत वो नहीं पता लेकिन ये हो रहा हैं कि एकबार राशन कार्ड बन गया तो कोई भी उसे छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं चाहे वे आर्थिक उन्नति कर चुके हो,उनकी आय मर्यादा से ज्यादा हो गई हो।ऐसा होने से जिनको सहाय की ज्यादा जरूरत हैं उन्हें राशन काम मिल पाता हैं।जो वाकई में गरीब हैं ,मजदूर हैं उनको कम अनाज मिल पाएगा और जिनको जरूरत नहीं हैं वे फायदा उठा ले जायेगा।गरीब जो मजदूरी कर अपना गुजारा करतें हैं उन्हें जो मिलना चाहिए वही लोग ले जाते हैं जो पात्रता नहीं रखते हैं।
वैसे भी जो प्रवासी मजदूर हैं वे अपने गांवों को छोड़ दूसरे शहरों में जा बसतें है उनका राशन दूसरे लोग ही ले लेते हैं।अगर सरकार ने ओ टी पी का सिस्टम डाला हैं तो वे लोगों से सेटिंग कर लेते हैं और ph करके नंबर मांग के उनके हिस्से का राशन खुद ले लेते हैं और जब वे लोग मिलते हैं तो राशन आधा आधा कर बांट लेते हैं।
सुना था कि अब राशन कार्ड राष्ट्र व्यापी हो जायेगी तो राशन कार्ड का पूरे देश में प्रयोग हो सकेगा।अगर ऐसा होता हैं तो वाकई राशन कार्ड धारकों के लिए बहुत ही फायदेमंद होगा। उन गरीबों को अपना हक मिल जायेगा।
सरकारों का फर्ज हैं कि सबको अपने हिस्से का राशन आसानी से मिले और अगर ये जो संदेश सोशल मीडिया में घूम रहा हैं वह सही हैं तो ये सभी राज्यों में कार्यान्वित होना चाहिए ताकि जिनका हक हैं उन्हें ही राशन मिले।
पहले से फिर भी अच्छा हैं,तब तो राशन की दुकानें खुलती ही नहीं थी दुकान पर पहुंचने से पहले ही अनाज सामग्री का सीधा ही कारोबार हो जाता था,चाहे वह तेल हो,चावल या गेंहू हो।आशा करतें हैं कि सभी राज्यों की सरकारें इस मामले में सख्ती से कम लें और जरूरतमंदों को मदद करें।

जयश्री बिरमी
अहमदाबाद


Related Posts

कन्या-पूजन नहीं बेटियों के प्रति दृष्टिकोण बदलने की जरूरत

October 22, 2023

कन्या-पूजन नहीं बेटियों के प्रति दृष्टिकोण बदलने की जरूरत नवरात्रि का पर्व नारी के सम्मान का प्रतीक है। नौ दिनों

अंतरिक्ष की उड़ान भरने भारत का पहला ह्यूमन मिशन गगनयान

October 22, 2023

अंतरिक्ष की उड़ान – गगनयान ने बढ़ाया भारत का मान – भारत की मुट्ठी में होगा आसमान अंतरिक्ष की उड़ान

भौतिकता की चाह में पीछे छूटते रिश्ते

October 20, 2023

भौतिकता की चाह में पीछे छूटते रिश्ते एक अजीब सी दौड़ है ये ज़िन्दगी, जीत जाओ तो कई अपने पीछे

इतिहासबोध : राजनीति में महिला और महिला की राजनीति

October 19, 2023

इतिहासबोध : राजनीति में महिला और महिला की राजनीति ब्रिटेन में कैंब्रिज यानी विश्व प्रसिद्ध विद्याधाम। दुनिया को विज्ञान और

2028 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक गेम्स में क्रिकेट की एंट्री पर मोहर लगी

October 19, 2023

क्रिकेट प्रेमियों के लिए 128 साल बाद ख़ुशख़बरी का जोरदार छक्का अमेरिका के लॉस एंजिल्स में 2028 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक

नवरात्रि – माता के नौ स्वरूप

October 19, 2023

 नवरात्रि – माता के नौ स्वरूप आज से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो रही है। इन नौ दिनों में पूरी

PreviousNext

Leave a Comment