गन्दा खेल
वोट तन्त्र में जनता के
विचारों की रेल
कुछ को पहुंचाती है
राजगद्दी पर
और कुछ को पहुंचा
देती है सीधा जेल,
इसीलिए तो…
उसकी दशा-दिशा बनाने
बिगाड़ने में लगे रहते हैं
रात-दिन चौबीस घंटा
राजनीतिक दलों के मीडिया,
‘सोशल मीडिया सेल’
बड़े-बड़े कारपोरेट घरानों
के साथ मिलीभगत से चलता है
विरोध और समर्थन का
उनका यह गन्दा खेल जितेन्द्र ‘कबीर’
के साथ मिलीभगत से चलता है
विरोध और समर्थन का
उनका यह गन्दा खेल
बार-बार हजार बार झूठ को
जनता के आगे पेल-पेल
यह शातिर
हो जाते हैं कामयाब
लोगों की अपने ढंग से
सोचने विचारने की शक्ति को
करने में फेल।