Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jitendra_Kabir, poem

गणतंत्र मनाओ – गणतंत्र बचाओ-जितेन्द्र ‘कबीर’

गणतंत्र मनाओ – गणतंत्र बचाओ गौरवशाली दिन है यहबड़ी धूमधाम से इसे मनाओ,मायने इसके सही समझकरखत्म होने से इसे बचाओ।लूटतंत्र …


गणतंत्र मनाओ – गणतंत्र बचाओ

गणतंत्र मनाओ - गणतंत्र बचाओ-जितेन्द्र 'कबीर'

गौरवशाली दिन है यह
बड़ी धूमधाम से इसे मनाओ,
मायने इसके सही समझकर
खत्म होने से इसे बचाओ।
लूटतंत्र है फल-फूल रहा
फल-फूल रहा है आज बंदूक तंत्र,
झूठ तंत्र है फल-फूल रहा
फल-फूल रहा है आज ठग तंत्र,
बनाया गया था यह
आम जनता की भलाई के लिए,
इसका सही उद्देश्य मत भूल जाओ
मायने इसके सही समझकर
खत्म होने से इसे बचाओ।
कॉरपोरेट तंत्र यह बन रहा
बन रहा है यह आज माफिया तंत्र,
फूट तंत्र यह बन रहा
बन रहा है यह आज भीड़ तंत्र,
बनाया गया था यह
आम जनता की सुनवाई के लिए,
गूंगा-बहरा इसे मत बनाओ
मायने इसके सही समझकर
खत्म होने से इसे बचाओ।
साल में महज एक दो दिन
तिरंगे की डीपी लगाकर
अपनी दिखावटी देशभक्ति का परिचय
दुनियावालों को चाहे न कराओ,
गणतंत्र के सही मायनों को समझो
और अपने जीवन में उसके आदर्शों पर
अमल करके दिखाओ।
जितेन्द्र ‘कबीर’
यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।

 नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’
संप्रति – अध्यापक
पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश
संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

कोशिश- अनीता शर्मा

November 23, 2021

 “कोशिश” कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। हिम्मत से आगे बढ़ कर प्रयत्न करते जाना है। मन में

आहत – सुधीर श्रीवास्तव

November 23, 2021

 आहत  कितना आसान है  किसी को आहत करना, जले पर नमक छिड़कना । पर जरा सोचिए कोई आपको यूँ आहत

जीवन रूपी चाय-डॉ. माध्वी बोरसे!

November 23, 2021

जीवन रूपी चाय! बचपन हमारा, सफेद दूध जैसा, जिंदगी ने लगाया, उबाल यह कैसा, कोई ना, जिंदगी को एक स्वादिष्ट

उड़ गई तितली- देवन्ती देवी चंद्रवंशी

November 22, 2021

 उड़ गई तितली कैसे कहूॅ॑ सखी कुछ कही न जाए मन हुई तितली देखो उड़ती जाए कैसे रोकूॅ॑ मेरी बावरी

खाया पिया कुछ नहीं ग्लास तोड़ा बारह आना-जयश्री बिर्मी

November 22, 2021

 खाया पिया कुछ नहीं ग्लास तोड़ा बारह आना किसान कानून की वापसी कही गढ़ आला पन सिंह गेला न बन

किस्से मोहब्बत के-तेज देवांगन

November 22, 2021

 किस्से मोहब्बत के किस्से मोहब्बत के किसको सुनाएं, सब यहां कहानीकार बने है। लिख दूं गजल मैं, गर किताबों पे,

Leave a Comment