गणतंत्र दिवस पर कविता –तिरंगा
गणतंत्र दिवस पर कविता –तिरंगा तिरंगा है हमारी जान, कहलाता देश की शान। तीन रंगों से बना तिरंगा, बढ़ता हम …
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सब्र। सब्र पर कविता| kavita -sabra
March 5, 2023
सब्र। जब आंखें नम हो जाती है, जब आत्मा सहम जाती है, उम्मीद जिंदा नहीं रहती, जिंदगी गम से भर
मेरी दादी माँ| meri dadi maa
March 5, 2023
मेरी दादी माँ आज की शाम मेरी दादी के नाम कर रहे सब आज तुम्हारी बातें इकट्ठा हो घर के
नम्रता का आभूषण धारण करना होगा
March 4, 2023
भावनानी के भाव नम्रता का आभूषण धारण करना होगा अपना जीवन सुखी बनाना है तो अटके काम बनाना है तो
नम्र बनके रहो हर खुशहाल पल तुम्हारा है
March 4, 2023
भावनानी के भाव नम्र बनके रहो हर खुशहाल पल तुम्हारा है बुजुर्गों ने कहा यह जीवन का सहारा है सामने
धर्म और जाति की आड़ में छिपता हूं
March 4, 2023
भावनानी के व्यंग्यात्मक भाव धर्म और जाति की आड़ में छिपता हूं आज के बढ़ते ट्रेंड की ओर बढ़ रहा
हे परमपिता परमेश्वर
March 4, 2023
भावनानी के भाव हे परमपिता परमेश्वर आपके द्वारा दिए इस जीवन में इन मुस्कुराहटों का हम पर एहसान है हर

