गणतंत्र दिवस पर कविता –तिरंगा
गणतंत्र दिवस पर कविता –तिरंगा तिरंगा है हमारी जान, कहलाता देश की शान। तीन रंगों से बना तिरंगा, बढ़ता हम …
Related Posts
Shant tatasth tapasvi sa himraj by Anita Sharma
September 12, 2021
शान्त तटस्थ तपस्वी सा हिमराज। शान्त तटस्थ तपस्वी सा हिमराज। श्वेत रजत अविराम विस्तारित। सुषमा सुशोभित शाश्वत स्निग्ध शान्त। ओजस्वी
Vandana guru charno me karti by Anita Sharma
September 12, 2021
विधा-पद्य वंदना गुरु चरणों में करती वंदना गुरु चरणों में करती नित-नित शीश झुकाती हूँ। हाथ जोड़कर प्रणाम करूँ हृदय
Antar by Jitendra Kabir
September 12, 2021
अंतर कहीं पर दुर्घटना कोई होने पर.. घायलों की सहायता के लिए जितनी संख्या में लोग हाथ बढ़ाते हैं और
Desh ke Gaurav shikshak divas vishesh by dr indu kumari
September 12, 2021
शिक्षक दिवस विशेष कविता देश के गौरव-शिक्षक है -राधाकृष्णन हमारा देश सब देशों का
Shikshak Teri kahani by dr indu kumari
September 9, 2021
शिक्षक तेरी कहानी गुरू का दर्जा सबसे ऊंचा कहलाते हैं राष्ट्र निर्माता शिष्योंके हैं भाग्य विधाता उनके शरण में
Shikshak divas vishesh kavita mere guruji by dr. Kamlendra kumar
September 4, 2021
शिक्षक दिवस पर विशेष कविता मेरे गुरुजी आँखों मे चश्मा चमक रहा, है गेहुंआ रंग ।

