गणतंत्र दिवस पर कविता –तिरंगा
गणतंत्र दिवस पर कविता –तिरंगा तिरंगा है हमारी जान, कहलाता देश की शान। तीन रंगों से बना तिरंगा, बढ़ता हम …
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*हाँ, मैं बदल रहा हूँ …* जी भर के जीना सीख रहा हूँ, आईने में खुद को ढूंढ रहा हूँ।
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तलाश ज़िंदगी की क्या कुसूर मेरा था, बस अपने घर को छोड़ा था। पूरे हो सके ख़्वाब इन आँखों के,

