गणतंत्र दिवस पर कविता –तिरंगा
गणतंत्र दिवस पर कविता –तिरंगा तिरंगा है हमारी जान, कहलाता देश की शान। तीन रंगों से बना तिरंगा, बढ़ता हम …
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जीवन रूपी चाय-डॉ. माध्वी बोरसे!
November 23, 2021
जीवन रूपी चाय! बचपन हमारा, सफेद दूध जैसा, जिंदगी ने लगाया, उबाल यह कैसा, कोई ना, जिंदगी को एक स्वादिष्ट
उड़ गई तितली- देवन्ती देवी चंद्रवंशी
November 22, 2021
उड़ गई तितली कैसे कहूॅ॑ सखी कुछ कही न जाए मन हुई तितली देखो उड़ती जाए कैसे रोकूॅ॑ मेरी बावरी
खाया पिया कुछ नहीं ग्लास तोड़ा बारह आना-जयश्री बिर्मी
November 22, 2021
खाया पिया कुछ नहीं ग्लास तोड़ा बारह आना किसान कानून की वापसी कही गढ़ आला पन सिंह गेला न बन
किस्से मोहब्बत के-तेज देवांगन
November 22, 2021
किस्से मोहब्बत के किस्से मोहब्बत के किसको सुनाएं, सब यहां कहानीकार बने है। लिख दूं गजल मैं, गर किताबों पे,
हाय रे गंतव्य जीवन – डॉ हरे कृष्ण मिश्र
November 22, 2021
हाय रे गंतव्य जीवन चली अचानक गई यहां से, जिसका कोई विश्वास नहीं, अंधकार में टटोल रहा हो , जैसे
लॉक लगा के रखना-अंकुर सिंह
November 22, 2021
लॉक लगा के रखना चलो अब हम चलते है। ख्याल अपना रख लेना। किए मुझसे वादे पूरे कर मेरे यादों

