गणतंत्र दिवस पर कविता –तिरंगा
गणतंत्र दिवस पर कविता –तिरंगा तिरंगा है हमारी जान, कहलाता देश की शान। तीन रंगों से बना तिरंगा, बढ़ता हम …
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सूरज दादा- विजय लक्ष्मी पाण्डेय
February 3, 2022
सूरज दादा सूरज दादा उठा के गठरी, चले कुम्भ के मेला में।बसन्त पंचमी नहा केआउँ,दिन बीता बहुत झमेला में।।लुका छिपी
ऊँचा हो गया कद लोगों का जमींन से-विजय लक्ष्मी पाण्डेय
February 3, 2022
ऊँचा हो गया कद लोगों का जमींन से ऊँचा हो गया कद लोगों का जमीन सेसुना है जमीनें बंजर पड़ी
मेरे यार फेसबुकिए-सिद्धार्थ गोरखपुरी
February 3, 2022
मेरे यार फेसबुकिए मेरे यार फेसबुकिए बता दो इस समय तुम हो कहाँमैंने तुम्हें ढूंढ रहा हूँयहाँ -वहाँ न जाने
रात है तो सुबह भी तो आयेगी- अनिता शर्मा झाँसी
January 25, 2022
रात है तो सुबह भी तो आयेगी मन रे तू मत हो निराशकल एक नयी सुबह आयेगी।बीतेगी दुखो की घड़ियाँछायेगा
मन के हारे हार- जितेन्द्र ‘कबीर’-
January 25, 2022
मन के हारे हार हार भले ही कर ले इंसान कोकुछ समय के लिए निराशलेकिन वो मुहैया करवाती है उसकोअपने
गलतियां दोहराने की सजा- जितेन्द्र ‘कबीर’
January 25, 2022
गलतियां दोहराने की सजा देश में कोरोना की पहली लहरहमारी सरकारों ने विदेशों से खुद ब खुद हीबुलाई थी,जब इतनी

