Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Ankur_Singh, poem

गणतंत्र दिवस पर कविता –तिरंगा

 गणतंत्र दिवस पर कविता –तिरंगा तिरंगा है हमारी जान, कहलाता देश की शान। तीन रंगों से बना तिरंगा, बढ़ता हम …


 गणतंत्र दिवस पर कविता –तिरंगा

गणतंत्र दिवस पर कविता –तिरंगा

तिरंगा है हमारी जान,

कहलाता देश की शान।
तीन रंगों से बना तिरंगा,
बढ़ता हम सब की मान।।
केसरिया रंग साहस देता,
श्वेत रंग शांति दिखलाता।
हरा रंग विकास को बता,
तिरंगा बहुत कुछ बताता।।
तिरंगे मध्य में अशोक चक्र ,
निरंतर हमें बढ़ने को कहता।
राजपथ और लाल किले पर,
 तिरंगा देश की शान बढ़ाता।।
तिरंगा है देश की पहचान,
रखेंगे हम सब इसका मान।
तिरंगे की रक्षा के ख़ातिर,
कर देंगे अपने प्राण क़ुर्बान।।
आओ आज हमसब मिलकर,
जन गण मन राष्ट्र गान गाएं।।
 जाति-धर्म का भेद मिटाकर ,
अपने देश का हम मान बढ़ाएं।।

About author 

Ankur Singh
अंकुर सिंह
हरदासीपुर, चंदवक
जौनपुर, उ. प्र.

Related Posts

कदम-मईनुदीन कोहरी “नाचीज बीकानेरी

March 25, 2022

कदम कदम बढाओ खुशियाँ लाओबढाओ कदमनाम कमाओ ।मजदूर का कदममेहनत का कदमपसीने की कमाईकमाओ हर कदम ।।नेताओं के कदमगर सम्भले

बटवारो-नाचीज़ बीकानेरी

March 25, 2022

बटवारो आंख्याडब-डब भरसुबक – सुबकरोवती मां,म्हनैं कांई ठाअ’ दिन भी देखणा पड़सी । घणा दौरा पाळयाछाबड़ै में नागड़ाआज मूंडो टोडीयो

तर्क या कुतर्क- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

तर्क या कुतर्क जंग के समर्थन मेंकिसी के तर्कमुझे तब तक स्वीकार नहींजब तक वो खुद सपरिवारउस जंग में कूद

मौत की विजय- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

मौत की विजय दुनिया के सभी युद्धों मेंपराजय जीवन कीऔर विजय मौत की होती है,शक्तिशाली होने का भ्रमपाले बैठा है

जनता जाए भाड़ में- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

जनता जाए भाड़ में देशभक्ति की आड़ मेंकुछ लोगों ने अपने लिए जुटाईसारी सुख-सुविधाएं,बाकी बची जनता सब वस्तुओं परटैक्स भर-भरकरझोंकती

कितना विरोधाभास है?- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

कितना विरोधाभास है? कितना विरोधाभास हैइंसान की फितरत में भी,अपनी हर मुसीबत मेंईश्वर का साथ पाने के लिएप्रार्थना करेगा भी

Leave a Comment