Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Tamanna_Matlani

गणतंत्र दिवस के उपलक्ष में…

गणतंत्र दिवस के उपलक्ष में…. नन्हीं कड़ी में…. आज की बात जीना चाहता हूँ… (कविता…) मैं भी किसी के आँख का तारा …


गणतंत्र दिवस के उपलक्ष में….

नन्हीं कड़ी में….
 आज की बात
 जीना चाहता हूँ…
(कविता…)

गणतंत्र दिवस के उपलक्ष में...
मैं भी किसी के आँख का तारा

और किसी के भविष्य का सहारा हूँ,
सरहद पर मर-मिटने को नहीं
देश की रक्षा करने आया हूँ।

हर पल देश की सरहद पर
उस मौत का सामना मैं करता हूँ,

 दुश्मन मेरे देश में घुसने न पाए
इसलिए हर पल सजग मैं रहता हूँ।

खून के अश्रु तब मैं रोता हूं
मेरे अपने ही जब मुझ पर वार करें,
हाथों में हथियार रहें फिर भी प्रहार उन पर नहीं करता हूँ।

जब तक मुझमें प्राण हैं बाकी
माँ सीमाओं पर तेरी रक्षा मैं कर लूंगा,
पर देश के भीतर छिपे गद्दारों से तेरी रक्षा मैं कैसे करूँगा…?

दुश्मनों के मददगार हैं बैठे
देश के भीतर फन फैलाए,
कहते हैं हमको यह कर्तव्य तुम्हारा
सैनिक तो सिर्फ,मरने को आए।

ऐसी सोच रखने वालों से
अब हमको ही तो लड़ना है, जहरीले साँपों के फन
हमको ही मिलकर कुचलना है।

हे माँ,जब तक तेरे दुश्मन
अंतिम श्वासें अपनी न गिन लें,
है तमन्ना तेरी रक्षा की खातिर मरना नहीं,

 सिर्फ और सिर्फ मैं जीना चाहता हूँ।।

तमन्ना मतलानी
गोंदिया(महाराष्ट्र)


Related Posts

प्रचार से परे है सच्चाई- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

प्रचार से परे है सच्चाई कानून के राज कीडींग हांकी जा रही है आजकल बहुत,लेकिन इस मामले मेंहत्या, बलात्कार, दबंगई

विघटन के बीज- जितेन्द्र ‘कबीर

March 25, 2022

विघटन के बीज एक घर के दो सदस्य,एक शाकाहारी पूर्णतःलेकिन दूसरे को मांसाहार भाए,खाने के ऊपर रोज ही उनकीआपस में

प्राथमिकता में नहीं- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

प्राथमिकता में नहीं जब सरकारें देने लगें सियासी लड़ाईयां जीतने परध्यान ज्यादाऔर ज़िंदगी की लड़ाई हार रहीजनता पर कम,तो समझ

प्रेम रहेगा हमेशा- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

प्रेम रहेगा हमेशा हम पहले इंसान नहींजो प्रेम में हैंऔर विश्वास करोकि हम आखिरी भी नहीं होंगे,नफरत, घृणा, स्वार्थ, हिंसाऔर

चुप्पी की कीमत- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

चुप्पी की कीमत अगर तुम्हारा कोई पड़ोसीकुछ हथियारों और गुण्डों के बल परधावा बोल देतुम्हारे घर पर कब्जे के लिए,तो

मौत के व्यापारी- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

मौत के व्यापारी नशे के व्यापार सेफायदा उठाने वाले लोगजब तक मौजूद हैं इस दुनिया में,नशामुक्त समाज के आह्वानऔर दावे

Leave a Comment