Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

mainuddin_Kohri, poem

गजल

 गजल मईनुदीन कोहरी”नाचीज बीकानेरी” म्हारे वतन मे अमन-चैन बण्यो रैवै । आ प्रार्थना जणो-जणो करतो रैवै ।। घर – घर …


 गजल

मईनुदीन कोहरी"नाचीज बीकानेरी"
मईनुदीन कोहरी”नाचीज बीकानेरी”

म्हारे वतन मे अमन-चैन बण्यो रैवै ।

आ प्रार्थना जणो-जणो करतो रैवै ।।

घर – घर ,गांव-सहर संदेसो पोंचावां ।

अमीर-गरीब रै बीच भेद मिटतो रैवै ।।

अबै नेतावां सूं तो उबकारयां आवै ।

भ्रष्ट-तंत्र निजोगां सूं लारो छूटतो रैवै।।

खुशहाली लावण सारु अलख जगावां।

हरेक नै रोटी – कपड़ो – घर मिलतो रैवै ।।

टाबर पढै हर हाथ नै काम-धंधा मिलै ।

बेटयां नै राज रो सरंक्षण मिलतो रैवै ।।

“नाचीज” देस तो अबै राम भरोसे चालै ।

अबै तूं दिल- दिमाग सूं क्यूं सोचतो रैवै ।।

मईनुदीन कोहरी”नाचीज बीकानेरी”

मो-9680868028


Related Posts

कविता–कृष्ण की व्यथा| krishna ki vyatha

January 9, 2023

कविता–कृष्ण की व्यथा क्या कृष्ण की कोई व्यथा नहीं थी? उनकी पीड़ा की कोई गाथा नहीं थी? छोड़ा गोकुल मैया

कविता – ‘रूह’ | kavita rooh

January 9, 2023

कविता – ‘रूह’ मैं अजर हूँ मैं अमर, जीवन मृत्यु से हूँ परे।रहती हूँ प्राणी के तन में मैं,दिए में

Ayurved par kavita | आयुर्वेद पर कविता

January 8, 2023

आयुर्वेद और मधुकवि हर दिन हर घर आयुर्वेद।। दूर करे तन मन के खेद।। नस नाड़ी को पुष्ट बनाता।। त्रिविध

Kashmir par kavita | कश्मीर पर कविता

January 8, 2023

अपना कश्मीर और मधुकवि अब तो सोए हुए भारती जाग जा|| देखले अपने भारत की क्या है दशा|| आज हिन्सा

व्यंग कविता –बातों में शेर हूं पर काम में ढेर हूं

January 8, 2023

 व्यंग कविता –बातों में शेर हूं पर काम में ढेर हूं सीज़न में जनता से बड़ी-बड़ी बातें करता हूं  गंभीर

नए साल में नई शुरुआत!

January 6, 2023

नए साल में नई शुरुआत! नया-नया सा साल, नई नई सी बातें,नया नया सब कुछ है, नई नई सौगातें,नए-नए से

PreviousNext

Leave a Comment