Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Chanda_rawat, poem

खेड़े की रमणी

खेड़े की रमणी खेडे़ में रहती रमणीखेड़े में ही मिट जाती हैपितृसत्ता से बंधे हुएजीवन को जीते जीतेपतिव्रता जीवन जी …


खेड़े की रमणी

खेडे़ में रहती रमणी
खेड़े में ही मिट जाती है
पितृसत्ता से बंधे हुए
जीवन को जीते जीते
पतिव्रता जीवन जी जाती है
खेडे़ में रहती रमणी
खेड़े में ही मिट जाती है
प्रात: काल कार्य से लगती,
तो लगी रहती रात तक
पता नहीं उसे खुद का
जीवन, क्या है
क्या उसकी अभिलाषा है
पता नहीं उसको अस्तित्व अपना
खेडे़ में रहती रमणी
खेड़े में ही मिट जाती है
मिट्टी के आँगन मे,
मिट्टी सी कच्ची ह्रदय लिए ,
पता नहीं उसे कुछ
सामाजिक बंधनों से उसे
त्याग की मूरत बना दी जाती है
गृहस्थी है जीवन उसका
गृहस्थी में ही खुद को खो देती है
जीवन में जो कुछ सुख, दुख मिलता उसे
खलिहानो में रमणियो संग बाट लेती
खेड़े की रमणीय छोटे छोटे खुशियों में
अपनी खुशी ढूंढ लेती है
नहीं मांगती बड़ा कुछ भी
थोड़े में ही खुश हो लेती है
त्योहारों में झूम कर नाच गा लेती है
नही रखती कोई अभिलाषा मन मे
मांग कोई न करती
सम्मान, समानता, स्नेह से तड़पती
खेडे़ में रहती रमणी
खेड़े में ही मिट जाती है
मांग कोई न करती है
खेडे़ में रहती रमणी

About author

Chanda rawat

चन्दा नीता रावत
लहंगपुरा, वाराणसी


Related Posts

Beta beti ek saman by Jitendra Kabir

November 7, 2021

 बेटा – बेटी एक समान आदर्शवाद दिखाने के लिए  हमनें पाठ्य – पुस्तकों में अपनी  लिखा दिया, “बेटा – बेटी

chunauti se km nahi by Jitendra Kabir

November 7, 2021

 चुनौती से कम नहीं वक्त बीतता जाता है  जैसे-जैसे कुंद पड़ती जाती है  दांपत्य में धार नयेपन की, जिन नजरों

Jhutha bhram by Jitendra Kabir

November 7, 2021

 झूठा भ्रम रोक नहीं पाते जब तुम  दुनिया के सब मजलूमों  पर होने वाले ज़ुल्म-ओ-सितम  तो फिर तुम्हारे ‘दुखहर्ता’ होने

Ek vyang nasha by Anita Sharma

November 7, 2021

 एक व्यंग्य नशा सबका मनोरंजन करते अभिनेता पर अपने घर में समय न देते। धन तो खूब कमा लेते पर

Pyar bhara Geet by Anita Sharma

November 7, 2021

 प्यार भरा गीत एक प्यार का गीत सुना दो, बंसी की मधुर तान सुना दो। मोहन गोपियों संग राधा अकु

Raunak laut aae by Anita Sharma

November 7, 2021

 रौनक लौट आई लम्बे अरसे के बाद सही पर……रौनक लौट रही। सज रहे बाजार  बहुत समय के बाद । घरों

Leave a Comment