खुशनुमा वातावरण बनाएं!
डॉ. माध्वी बोरसे!
( स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)
खुशनुमा वातावरण बनाएं! डॉ. माध्वी बोरसे! लाए खुशियों की बहार, चाहे परेशानियां हो हजार, जिंदगी तो है कुछ पलों की, …
डॉ. माध्वी बोरसे!
( स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)
September 15, 2021
हे !नारायण पार लगा दो …!! रे ! रँगरेज मोरी चुनर रंग दे , धानीं चटख गुलाबी में ।
September 15, 2021
शान–ए– हिंद आन भी हैं तू मान भी हैं तू हिंदी तू हिंदुस्तान की जान हैं तू तेरी मीठे शब्दों
September 14, 2021
क्या कहेंगे भला हम उस भाईचारे को क्या कहेंगे भला हम उस भाईचारे को रोक न पायी जो मुल्क के
September 14, 2021
बेसिर-पैर की बात मत करना बेसिर-पैर की बात मत करना दिन को कभी रात मत कहना। रुसबा न हो जाए
September 14, 2021
इश्क़ में भी अब इंस्टालमेंट है इश्क़ में भी अब इंस्टालमेंट है आशिक़ी में भी रिटायरर्मेंट है । कितने मच्यौर