खुशनुमा वातावरण बनाएं!
डॉ. माध्वी बोरसे!
( स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)
खुशनुमा वातावरण बनाएं! डॉ. माध्वी बोरसे! लाए खुशियों की बहार, चाहे परेशानियां हो हजार, जिंदगी तो है कुछ पलों की, …
डॉ. माध्वी बोरसे!
( स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)
September 24, 2021
*हाँ, मैं बदल रहा हूँ …* जी भर के जीना सीख रहा हूँ, आईने में खुद को ढूंढ रहा हूँ।
September 23, 2021
देखा है मैंने देखा है मैंने घरों में,कैद होती आवाजें, गुम होती खुशियाँ,उदास होते चेहरे। पीले पड़ते होंठ, दम
September 23, 2021
टूट पड़ा आकाश …!!! बीती रात सहसा टूट पड़ा आकाश । आलय देवालय सब एकाकार । अनवरत गर्जना दामिनी दमक
September 23, 2021
ठेकेदारों का विकास छोटा ठेकेदार पंचायत स्तर पर करता है प्रचार और समर्थन ‘दल विशेष’ का, बदले में पाता है
September 23, 2021
तलाश ज़िंदगी की क्या कुसूर मेरा था, बस अपने घर को छोड़ा था। पूरे हो सके ख़्वाब इन आँखों के,
September 23, 2021
भूल जानें की ताक़त रखते हैं …!! हर लम्हा गुज़रता है मेरा , दर्द के आग़ोश में । जख़्म