खुशनुमा वातावरण बनाएं!
डॉ. माध्वी बोरसे!
( स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)
खुशनुमा वातावरण बनाएं! डॉ. माध्वी बोरसे! लाए खुशियों की बहार, चाहे परेशानियां हो हजार, जिंदगी तो है कुछ पलों की, …
डॉ. माध्वी बोरसे!
( स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)
November 17, 2021
स्वप्न उजले हैं. स्वप्न उजले हैं ये कह रहा है कोई। उकेरना चाहता है हकीकत कोई। हकीकत को हकीकत होने
November 17, 2021
मंजिल भूल जाना किसी तरह से जो राह की रूकावट है सजा लेना माथे पे सदा ही जो जिन्दगी की
November 17, 2021
पीड़ा खोने की तेरी तोड़ चली हर रस्मों को तेरा पथ ज्योतिर्मय है, मेरा क्या मैं रहा अकेला, कौन सुनेगा
November 17, 2021
प्रिय के देश तुम भी उनके हो प्रिय, मैं भी उनकी प्रियतमा। जिसे ढूँढती है अन्तर्मन, पूजती है सारा जहाँ
November 17, 2021
कलियों की शहजादी…!!! कलियों की शहजादी कोईअरमानों की डोली चढ़हरियाली मखमल कीसेज सजाओढ़ घटाओं कीसतरंगी चादर..!!! रंगीन ख्वाब से सराबोर
November 17, 2021
#क्यों नहीं आता मेरा जन्म दिन…?? अम्माँ , तूनें तो मेरा दान कर दिया, अब कैसे तिलक लगाएगी? मुझे पता