Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr-indu-kumari, poem

खट्टी मीठी यादें – डॉ इंदु कुमारी

खट्टी मीठी यादें आती है मानस पटल परउभरकर वो सुनहरी यादें प्रेम रस में भीगा -भींगामधुरमय स्नेहिल सौगातें जिनकी यादें …


खट्टी मीठी यादें

खट्टी मीठी  यादें - डॉ इंदु कुमारी

आती है मानस पटल पर
उभरकर वो सुनहरी यादें

प्रेम रस में भीगा -भींगा
मधुरमय स्नेहिल सौगातें

जिनकी यादें आने से
पहले आ जाती होंठों पे

आत्मिक मुस्कुराहट भी
स्वयं से बातें करने लगते

कटती आनंद भरी रातें
खोया -खोया सा रहता

बेबस बेचारा सा दिल
गम की परछाई जब

तिनकों में उड़ जाती
कपोलों की लालिमा

सुर्ख सी हों जाती है
आती मानस पटल पे
कुछ खट्टी मीठी यादें।

डॉ. इन्दु कुमारी
मधेपुरा बिहार


Related Posts

पैसे का खेल

June 24, 2022

 पैसे का खेल सुधीर श्रीवास्तव समय के साथ पैसा भी अब अपना रंग दिखाने लगा है, पैसे पर भी आधुनिकता

शादियाँ

June 24, 2022

 शादियाँ सुधीर श्रीवास्तव शादियां वास्तव में एक अनुबंध है दो परिवारों, दो दिलों का, जिसमें निभाई जाती हैं परंपराएं, धारणाएं,

माँ – तूम धन्य हो !

June 24, 2022

 माँ – तूम धन्य हो ! मईनुदीन कोहरी”नाचीज बीकानेरी” माँ … तेरा प्यार – दुलार माँ तेरी ममता माँ ,तूने

मां आज भी याद है

June 24, 2022

 मां आज भी याद है मईनुदीन कोहरी”नाचीज बीकानेरी” प्यार  -फटकार अम्मी का लाड-प्यार पापा की डाट-फटकार आज भी याद आती

गजल

June 24, 2022

 गजल मईनुदीन कोहरी”नाचीज बीकानेरी” म्हारे वतन मे अमन-चैन बण्यो रैवै । आ प्रार्थना जणो-जणो करतो रैवै ।। घर – घर

बन्दा नवाज

June 24, 2022

 बन्दा नवाज        मईनुदीन कोहरी”नाचीज बीकानेरी” हर जर्रा – जर्रा उसका ही मोहताज है । हर जर्रे –

PreviousNext

Leave a Comment