Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, poem

क्रोध, कायरता की निशानी!

क्रोध, कायरता की निशानी! क्रोध एक श्राप है,इसमें पतन का वास है,क्रोध पर हो पूर्ण रूप से वश,शीतलता और प्रेम …


क्रोध, कायरता की निशानी!

क्रोध, कायरता की निशानी!

क्रोध एक श्राप है,
इसमें पतन का वास है,
क्रोध पर हो पूर्ण रूप से वश,
शीतलता और प्रेम को भर दो मन में,
शांति से बिताए हर एक दिवस!

क्रोध स्वयं को जलाता,
मूर्खता का प्रमाण कहलाता,
ज्ञान को समाप्त कर देता,
जिसने इसे वश में कर लिया,
वही कहलाए असली विजेता!

यह मनुष्य को शक्तिविहीन करता,
डर की वजह से मनुष्य अक्सर लड़ता,
क्रोध है, मूर्खता की निशानी,
प्रेम से ही हर जीत हासिल हो जाए,
इस बात को समझे, व्यक्ति बुद्धिमानी!

क्रोध है एक प्रकार का क्षणिक पागलपन,
इसके करने से हो जाता है चिंतित मन,
चलिए आज से, इस जहर को अपने मन से निकाले,
इस बड़ी सी दुनिया में,
कम से कम खुद को तो संभाले!

करे क्रोध पर नियंत्रण,
चाहे कुछ भी हो जाए उस क्षण,
ले ले आज से यह एक प्रण,
क्रोध की अग्नि में और ना जले,
दृढ़ता से लेते हैं यह वचन!!

डॉ. माध्वी बोरसे!
(स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)


Related Posts

नटखट कृष्ण | natkhat krishna

September 6, 2023

नटखट कृष्ण कान्हा, तेरी देख सुंदर छवि प्यारी,मन हुआ विकारों से खाली।मनभावन अखियां तेरी,मोहक मुस्कान है।मोरपंख से सुशोभित मुकुट तेरा,घुंगराले

ई एस ई एस सी पॉडकास्ट के माध्यम से विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ा।

September 2, 2023

ई एस ई एस सी पॉडकास्ट के माध्यम से विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ा। हाल ही में आए डी वाए एम

माँ बूढ़ी हो रही है

August 30, 2023

माँ बूढ़ी हो रही है अबकी मिला हूँ माँ से,मैं वर्षों के अंतराल पर,ध्यान जाता है बूढ़ी माँ,और उसके सफ़ेद

रक्षाबंधन पर कविता

August 30, 2023

 रक्षाबंधन बहन इक भाई के जीवन में रिश्ते कई निभाती है,बन के साया मां की तरह हर विपदा से बचाती

दिकु के झुमके

August 30, 2023

दिकु के झुमके सुनो दिकु….. अनोखे से झुमके तुम्हारेपल पल याद आते है आज भी उनकी झणकार कामेरे कानों में

मां गंगा को शुद्ध करने अनेक मिशन चलाएंगे

August 14, 2023

भावनानी के भाव मां गंगा को शुद्ध करने अनेक मिशन चलाएंगे मां गंगा को शुद्ध करने अनेक मिशन चलाएंगे इन

PreviousNext

Leave a Comment