Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

क्या हमनें पा लिया है?- जितेन्द्र ‘कबीर’

क्या हमनें पा लिया है? वक्त गुजरने के साथसरल शिक्षाओं कोरूढ़ करके सदियों के लिएजटिल हमनें बना लिया है, महापुरुषों …


क्या हमनें पा लिया है?

क्या हमनें पा लिया है?- जितेन्द्र 'कबीर'
वक्त गुजरने के साथ
सरल शिक्षाओं को
रूढ़ करके सदियों के लिए
जटिल हमनें बना लिया है,

महापुरुषों के
सच्चे उपदेशों को
अपने स्वार्थ में अंधे हो कर
अब हमनें भुला दिया है,

जिन धर्मों का जन्म हुआ था
मानवता के भले के लिए,
उन्हीं को इंसानियत के
कत्ल का कारण
हमनें बना लिया है।

जितेन्द्र ‘कबीर’

साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’

संप्रति-अध्यापक
पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश
संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

सलोनी के कुसुम”- अनिता शर्मा झाँसी

January 25, 2022

सलोनी के कुसुम” इंसान बेइन्तहा मजबूर दिखा,कुसुम सी बालिकाएं तीर्थ पर,बेंच रही पूजा का सामान छोली में।चेहरे पर मुस्कान बिखेरी

हवाओं से बात- डॉ. माध्वी बोरसे!

January 25, 2022

हवाओं से बात! सनन सनन सी हवा मैं सांस लेते हुए खुलकर, जीते हैं अपने सारे दुख गम को भूल

संगीत-डॉ. माध्वी बोरसे!

January 25, 2022

संगीत! एक मधुर सी ध्वनि जब कानों में गुनगुनाती,मन को प्रसन्नता से भर जाती,योग की तरह होता है संगीत,हर एक

आभासी दुनियाँ- सरस्वती मल्लिक

January 25, 2022

आभासी दुनियाँ अद्भुत है बहुत ,यह आभासी दुनियाँप्यारी है बहुत ,जैसे सपनों की दुनियाँमित्र मिले यहाँ बहुत ,बनी नए रिश्तों

तू डोर मैं पतंग- अनिता शर्मा झाँसी

January 25, 2022

तू डोर मैं पतंग ईश्वर के हाथों में जीवन डोर-हम पतंग जैसे उड़ रहे।खींचता और ढील देता विधाताहम नाचते अंहकार

देश के वीर सपूतों में वीरांगना- डॉ. इन्दु कुमारी

January 25, 2022

देश के वीर सपूतों में वीरांगना वीरता की श्रृंखला में जुड़करप्रहरी बन आ रही है बहनाभाई हिम्मत नहीं है हारनाचल

Leave a Comment