Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jayshree_birmi, poem

क्या गवायां हैं आज

क्या गवायां हैं आज हर करम अपना करेंगे ए वतन तेरे लिएकहने वाली वह आवाज जो शांत हो गई हैंभर …


क्या गवायां हैं आज

क्या गवायां हैं आज
हर करम अपना करेंगे ए वतन तेरे लिए
कहने वाली वह आवाज जो शांत हो गई हैं
भर गई हैं हर हिंदुस्तानी की आंख में पानी
ये वही हैं जो शहीदों के लिए अपनी आंख में
भरती थी पानी
अपनी आवाज से दर्द भी उभारा और भक्ति भी
प्यार के अविरत पलों को भी गया
कोकिल कंठी देश की कोकिला
चली गईं हैं आज
कैसे भरेगी वो जगह पता नहीं
लेकिन भूलेंगे लता जी को कोई नहीं
दासियों सालों तक हर शे में गूंजी आवाज उसकी
आज जो हुई हैं खामोश
रुलाया था नेहरू जी को गा कर शान–ए–वतन के गीत
गाती रही गाती जा रही थी अविरत
थम गई वोही आवाज आज
कौन गायेगा अब ’मेरे वतन के लोगों’
याद करवाती थी उनको जिन्होंने ने सरहद पर जान गवाई
वही छोड़ गईं गानों और यादों के गुलदस्तों को
एक स्वर से भरपूर युग की समाप्ति
को कोटि कोटि प्रणाम

जयश्री बिरमी
अहमदाबाद


Related Posts

देश का दुर्भाग्य- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 3, 2021

 देश का दुर्भाग्य कृषि के लिए नीतियां बनाने मेंकृषक का प्रतिनिधित्व नहीं, शिक्षा के लिए नीतियां बनाने मेंशिक्षक का प्रतिनिधित्व

क्या हमनें पा लिया है?- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 3, 2021

क्या हमनें पा लिया है? वक्त गुजरने के साथसरल शिक्षाओं कोरूढ़ करके सदियों के लिएजटिल हमनें बना लिया है, महापुरुषों

सच्चाई सामने जरूर आएगी-जितेन्द्र ‘कबीर’

November 30, 2021

सच्चाई सामने जरूर आएगी नुकसान होगा,सोचकर जो तुमनेकदम खींच लिए अपनेसच्चाई की राह सेतो आस्था तुम्हारी सच्चाई परकभी सच्ची न

संविधान दिवस विशेष- सुधीर श्रीवास्तव

November 30, 2021

 व्यंग्य संविधान दिवस आइए ! मौका भी है दस्तूर भी हैहमारे मन भरा फितूर जो है,आज भी हमसंविधान संविधान खेलते

संविधान, भारत का परिचय-डॉ. माध्वी बोरसे

November 27, 2021

 संविधान, भारत का परिचय! भारत ने 1949 मैं संविधान को अपनाया, संविधान दिवस राष्ट्रीय कानून के रूप में मनाया, डॉ.

मौत से इतना डर क्यों?- जितेन्द्र ‘कबीर’

November 27, 2021

 मौत से इतना डर क्यों? अब तक ज्यादातर मौत को  बताया जाता रहा है भयानक और जीवन को सुंदर, लेकिन

Leave a Comment